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'हम वापस आएंगे', कश्मीरी पंडितों ने घर वापसी के लिए चलाया ट्रेंड, सामूहिक पलायन के 30 साल पर लोगों ने सुनाया अपना दुख

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 18, 2020 14:57 IST

पत्रकार राहुल पंडित ने भी ट्विटर पर लिखा 'कश्मीर से 30 साल का वनवास। अब हम प्रतिज्ञा करते हैं कि हम घर लौटेंगे।' विधु विनोद चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म 'शिकारा' कश्मीरी पंडितों के पलायन पर अधारित है। यह फिल्म सात फरवरी को रिलीज होने वाली है।

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ठळक मुद्देट्विटर पर इस पहल का लोगों ने समर्थन किया है और कश्मीरी पंडितों के साथ एकजुटता व्यक्त की है।गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले साल जुलाई 2019 में राज्य सभा में कहा था कि उनकी केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों और सूफिओं को वापस कश्मीर भेजने के लिए प्रतिबद्ध है।

'हम वापस आएंगे'(#HumWapasAayenge)ट्विटर पर ये हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। कश्मीरी पंडितों के घाटी से सामूहिक पलायन के 30 साल पूरे हो गए हैं। ट्विटर पर कश्मीरी पंडितों ने ही 'हम वापस आएंगे' हैशटेग को ट्रेंड करवाया है। इस हैशटैग के साथ वह लोग अपनी यादें शेयर कर रहे हैं। वो आशा कर रहे हैं कि वह दोबारा कश्मीर लौटेंगे और वहां रहेंगे। इस ट्रेंड का साथ में बहुत बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित जुड़ रहे हैं।  इस कैम्पेन में लोग वापस अपने घर लौटने का संकल्प ले रहे हैं। 

1990 में आतंकवादियों ने लाखों कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से मार-पीटकर जबरदस्ती निकाल दिया था। एक थियेटर एक्टर चंदन साधू ने ट्वीट कर लिखा  'इस हफ्ते कश्मीरी पंडितों ने निष्कासन के 30 साल  पूरे किए हैं। हम अब कश्मीर वापस लौटने का संकल्प लेते हैं। सभी कश्मीरी पंडितों से अनुरोध है कि वह इसकी वीडियों रिकॉर्ड कर 'हम वापस आएंगे' हैंशटेग चलाएं'

स्तंभकार सुनंदा वशिष्ठ ने भी अपनी एक पुरानी फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा, 'मेरे पास बचपन की बहुत सारी तस्वीर नहीं है। परिवार की फोटो एल्बम और जिंदगी में से कोई एक चीज चुनना कोई विकल्प नहीं है। जब जिंदगी बचाई जाती है तो परिवार की फोटो एल्बम पीछे छूट जाती है। 30 साल बीत चुके हैं। वापस कश्मीर लौटने का संकल्प ही सिर्फ ताकत है।'

महशहूर पत्रकार राहुल पंडित ने भी ट्वीट कर लिखा, कश्मीर से निष्कासित हुए 30 साल हो गए हैं। अब शपथ लेते है कि हम अपने घर वापस लौटेंगे।

कश्मीरी पंडितों के निष्कासन पर बॉलीवुड फिल्म 'शिकारा' बनी है। फिल्म कश्मीर की 19 जनवरी,1990  घटना पर आधारित है। इसमें कश्मीरी पंडितों की आपबीती को दिखाया जाएगा। फिल्म का निर्देशन विधु विनोद चोपड़ा ने किया है। यह अगले महीने 7 फरवरी को रिलीज की जाएगी। 

गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले साल जुलाई 2019 में राज्य सभा में कहा था कि उनकी केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों और सूफिओं को वापस कश्मीर भेजने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एक समय आएगा, जब वे कश्मीर में प्रसिध्द मंदिर खीर भवानी में पूजा करेंगे।

इसके अलावा कैबिनेट मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने अक्टूबर 2019 में घोषणा की थी कि केंद्र सरकार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से भगाए गए हर परिवार को 5.5 लाख रुपये मुआवजे के रूप में देगी।

टॅग्स :जम्मू कश्मीर
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