तृणमूल कांग्रेस की स्थापना 1998 को हुई। पश्चिम बंगाल में स्थित एक भारतीय राजनीतिक दल है। ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक हैं। इस दल का जन्म भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से विघटन के बाद हुआ। इस दल का युवा संगठन तृणमूल यूथ कांग्रेस है। Read More
तृणमूल को उम्मीद है कि इस रैली से ममता बनर्जी ऐसे नेता के तौर कर उभरकर सामने आयेंगी जो ‘‘अन्य दलों को साथ लेकर’’ चल सकती हैं और आम चुनावों के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती दे सकती हैं। ...
तृणमूल कांग्रेस की निगाहें इस वक्त दिल्ली पर हैं और पार्टी शनिवार को कोलकाता में होने वाली ‘‘संयुक्त विपक्षी रैली’’ के लिये तैयार है। तृणमूल प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह रैली लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा के लिये ‘‘मृ ...
देश में आम चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन के लिए ममता ने 19 जनवरी को कोलकाता में एक विशाल रैली का अयोजन किया है जिसमें उनके लाखों समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। शहर के मध्य में स्थित ब्रिगेड परेड में आयोजित होने वाली रैली में सभी प्रमुख विपक्षी ...
कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। पार्टी ने खड़गे को इस संयुक्त विपक्षी रैली में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया है। रैली में न तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और न ही संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी शामिल होंगी। ...
तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी के लोकसभा सदस्य सौमित्र खान के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा में जाने के घटनाक्रम पर बुधवार को कहा कि उसने पहले ही उन्हें पार्टी से निकाल दिया है। ...
मुस्लिम चेहरा होने के कारण सौमित्र खान के आने से भारतीय जनता पार्टी को राज्य में मजबूती मिली है. हाल ही में आये कई सर्वे में ये बात सामने आई है कि बंगाल में भाजपा की राजनीतिक स्थिति इस बार सुधर सकती है और पार्टी को 10-15 सीटें मिल सकती है. ...
सरकार के लिए सबसे बड़ा झटका एआइएडीएमके का विपक्ष के साथ होना है, क्योंकि इसके पहले AIADMK के बारे में कहा जा रहा था कि वो इस बिल पर मोदी सरकार का समर्थन कर सकती है। खबर है कि जेडीयू भी वोटिंग के दौरान गैरहाजिर रह सकती है। ...