सौभाग्यशाली मानता हूं मुझे मध्य प्रदेश की सेवा का अवसर मिला, एमपी सीएम मोहन यादव ने कहा-आपका सुख ही मेरा सुख है और आपका दुख ही मेरा दुख?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 25, 2026 10:11 IST2026-04-25T10:10:37+5:302026-04-25T10:11:32+5:30

प्रदेश के समस्त अन्नदाताओं को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों की खुशहाली और उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

madhya pradesh cm dr mohan yadav I consider myself fortunate got opportunity serve Madhya Pradesh your happiness is my happiness and your sorrow is my sorrow? | सौभाग्यशाली मानता हूं मुझे मध्य प्रदेश की सेवा का अवसर मिला, एमपी सीएम मोहन यादव ने कहा-आपका सुख ही मेरा सुख है और आपका दुख ही मेरा दुख?

file photo

Highlightsकिसानों को प्रदेश के विकास का आधार बताया।सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।सरकार का संकल्प 'सच्चा वादा और पक्का काम' है। 

भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 अप्रैल को प्रदेशवासियों के सामने दिल खोलकर रख दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश में अन्नदाता को नमन किया। उन्होंने एक बार फिर इस बात को दोहराया कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों को प्रदेश के विकास का आधार बताया।

इतना ही नहीं, उन्होंने संदेश में यह भी कहा कि बिना किसान के राज्य का विकास असंभव है। सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है। सरकार उनके कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। सीएम डॉ. यादव ने संदेश में गेहूं खरीदी और भू-अर्जन मुआवजे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प 'सच्चा वादा और पक्का काम' है। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संदेश में कहा, मैं अपने आपको सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे मध्य प्रदेश की सेवा का अवसर मिला है। उसी सेवा भाव से मैं अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा हूं। जब से मैंने मुख्यमंत्री के रूप में इस महत्वपूर्ण पद की शपथ ली है, तब से पूरा मध्यप्रदेश ही मेरा परिवार है। आपका सुख ही मेरा सुख है और आपका दुख ही मेरा दुख।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की तीव्र गति के विकास का मुख्य आधार आप सब हमारे प्रिय किसान भाई-बहन हैं। मैं प्रदेश के समस्त अन्नदाताओं को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों की खुशहाली और उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

हम न केवल उनकी आर्थिक उन्नति के लिए संकल्पित हैं, बल्कि उनके जीवन में सुख और आनंद के सूर्योदय का प्रयास कर रहे हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाए बिना प्रदेश के सर्वांगीण विकास की कल्पना अधूरी है। हमारी सरकार किसानों के हर सुख-दुख में साथ है। इसी का परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार निरंतर किसान हितैषी ऐतिहासिक निर्णय ले रही है।

किसानों की मेहनत का सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं आपसे ऐसे विषय पर संवाद कर रहा हूं, जो हमारे प्रदेश की आत्मा हमारे अन्नदाता यानी किसानों से जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। इसी भावना के साथ इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।

मैं आपसे ये साझा करना चाहता हूं कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।

यह 22 लाख मीट्रिक टन की अभूतपूर्व वृद्धि न केवल हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान है, बल्कि उनकी आय को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। 

पूरी तरह खोली जा चुकी स्लॉट बुकिंग

प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने कहा कि मुझे यह बताते हुए भी अत्यंत प्रसन्नता है कि आज से पूरे प्रदेश के छोटे–बड़े सभी किसान भाइयों के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग पूरी तरह से खोली जा चुकी है। गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में 6 दिन होगा। शनिवार को अवकाश नहीं रहेगा।

उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन निर्बाध रूप से जारी रहेगा। साथ ही, 30 अप्रैल तक होने वाली स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ा दिया गया है। जरूरत पड़ी तो इस अवधि को और बढ़ा दिया जाएगा। किसान भाइयों को कोई समस्या न हो, यह हमारी सरकार का संकल्प है। राज्य सरकार सदैव किसानों के साथ है।

भू-अर्जन को लेकर ऐतिहासिक निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने भू-अर्जन को भी लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब किसानों को उनकी भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह सिर्फ निर्णयों की सूची नहीं, बल्कि उस विश्वास पर बात कर रहा हूं, जो हमारी सरकार और किसानों के बीच मजबूत हो रहा है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधीकरण को बढ़ावा, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार, इन सभी क्षेत्रों में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने दलहन फसल उड़द और तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उड़द को तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी दी जाएगी।

बिजली मामले में किसान बनेंगे आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सोयाबीन की भावांतर योजना की सफलता के बाद सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने की घोषणा के फलस्वरूप बाजार भाव में वृद्धि हुई। किसानों को सरसों का दाम एमएसपी से भी अधिक मिल रहा है। आपको विदित है कि हमारी सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है।

देश में पहली बार किसानों को केवल पांच रुपये में कृषि पंप कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराया जा रहा है। साथ ही, हमारी योजना है कि अब हमारे किसानों को रात के बदले दिन में ही सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी। कृषक मित्र योजना में देश में पहली बार 90 प्रतिशत सब्सिडी पर किसान को सोलर सिंचाई के पंप दिए जा रहे हैं। इससे बिजली के मामले में किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। 

मिल्क कैपिटल बनेगा मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में हम निरंतर नवाचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमने दूध उत्पादन से लेकर संकलन बढ़ाने के प्रयास किए हैं। हमने 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया है। हमारा प्रतिदिन का दूध संकलन 10 लाख किलोग्राम से अधिक पहुंच गया है।

दूध उत्पादक किसान भाइयों को 1600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है। क्योंकि, किसानों को अब दूध का दाम प्रतिकिलो 8 से 10 रुपये बढ़कर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम हैं। हम चाहते हैं कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन के साथ ही दूसरे नए रास्ते भी तैयार हों।

समृद्ध होंगे हमारे अन्नदाता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस साल युद्ध की स्थिति के बावजूद प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता 5.90 लाख मीट्रिक टन है। यह पिछले साल से भी अधिक है। इसी प्रकार अन्य उर्वरक के भी पर्याप्त भंडारण किए गए हैं। उर्वरकों की वितरण प्रणाली में भी सुधार किए जा रहे हैं। नवाचार और तकनीक का उपयोग कर किसानों को अब बिना लाइन लगाए मनचाहे स्थानों से खाद मिलने की व्यवस्था की जा रही है।

'सच्चा वादा और पक्का काम' यही हमारी सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया है। जब हमारे खेतों से लेकर कारखाने तक समृद्धि आएगी, तभी तो हमारे किसान भी समृद्ध और खुशहाल होंगे।

मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत 2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश के सभी किसान भाइयों-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि आपकी मेहनत, आपका पसीना और आपका भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपकी समृद्धि ही मध्यप्रदेश की असली ताकत है।

आइए, हम सब मिलकर “किसान कल्याण वर्ष” में मध्यप्रदेश को कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। किसानों के साथ बीते दो सालों में जो रिश्ता बनाया है उसे आगे भी निभाएंगे। हम हर परिस्थिति में आखिर तक हमारे अन्नदाताओं के साथ खड़े रहेंगे।

Web Title: madhya pradesh cm dr mohan yadav I consider myself fortunate got opportunity serve Madhya Pradesh your happiness is my happiness and your sorrow is my sorrow?

कारोबार से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे