राजनीतिक गुमनामी में खो जाएंगे 7 गद्दार सांसद ?, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बोले-सरपंच चुनाव लड़ने के भी लायक नहीं, अपनी जान बचाने के लिए भाजपा में गए?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 25, 2026 11:51 IST2026-04-25T11:06:14+5:302026-04-25T11:51:05+5:30
लोकतंत्र में पार्टी सर्वोपरि होती है, न कि वे व्यक्ति जो अपनी मर्जी से आते-जाते रहते हैं।

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चंडीगढ़ः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बीजेपी में शामिल आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सदस्यों पर जमकर भड़ास निकाली। मान ने गद्दार करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें तब भी बहुत कुछ दिया, जब वे सरपंच चुनाव लड़ने के भी लायक नहीं थे। मान ने कहा, “ये लोग अपनी जान बचाने के लिए भाजपा में गए हैं। भाजपा से उन्हें कुछ नहीं मिलेगा।
पंजाबियों ने विश्वासघात को कभी नहीं भुलाया है, और जिन्होंने उन्हें धोखा दिया, वे राजनीति से गायब हो चुके हैं। कमालो, मानशाहियान और अन्य जैसे नेताओं ने अपनी विचारधारा के साथ विश्वासघात किया और वे जनमानस की स्मृति से मिट चुके हैं। लोकतंत्र में पार्टी सर्वोपरि होती है, न कि वे व्यक्ति जो अपनी मर्जी से आते-जाते रहते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भाजपा "पंजाब से नफरत करती है" और राज्य के सांसदों को अपने पाले में करके उसने राज्य के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भाजपा का कोई आधार नहीं है और वह "आप द्वारा किए गए कार्यों से डरी हुई है"।
पंजाबी लोग अपने साथ विश्वासघात करने वालों से नफरत करते हैं। मान ने और आगे बताया कि लोगों ने सुखपाल खैरा, मास्टर बलदेव सिंह, कंवर संधू और जगदेव कमालू को पहले ही सबक सिखा दिया था जब उन्होंने “पंजाब को तोड़ने की कोशिश की थी।”