स्मार्टफोन उन मोबाइल फोनों को कहते हैं जिनकी कम्प्युटिंग कैपासिटी और कनेक्टिविटी आधारभूत फोनों की तुलना में अधिक उन्नत होती है। पहले के समय में आने वाले स्मार्टफोन में मोबाइल फोन की विशेषताओं के अलावा दूसरे खास फीचर्स जैसे पीडीए, मिडिया प्लेयर, डिजिटल कैमरा, जीपीएस फोन आदि शामिल होते थे। बाद के स्मार्टफोनों में इन सभी खासियतों के अलावा टचस्क्रीन, वेब-ब्राउजिंग, वाई-फाई, दूसरी पार्टियों के ऐप्स, मोशन सेंसर, मोबाइल पेमेण्ट आदि भी उपलब्ध हैं। वर्तमान समय में लगभग 80% स्मार्टफोन गूगल के एंड्रॉइड तथा ऐपल के iOS मोबाइल उपलब्ध हैं। Read More
यदि आप अपना स्मार्टफोन किसी को बेचते हैं तो आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि स्मार्टफोन एक तरह से आपकी पर्सनल डायरी की तरह है जिसमें कई सारी जानकारी सेव होती हैं। ...
चीनी सामानों के बहिष्कार की बातें तो देश में उठती रहती हैं लेकिन ई-कॉमर्स साइटों अमेजन, फ्लिपकार्ट पर लगने वाले सेल के आंकड़ों को देखें तो काफी हद तक यह समझ आ जाता है कि कम कीमत लोगों को चीनी सामानों के बहिष्कार से दूर कर देती है। ...
देश में मोबाइल फोन, खासतौर से स्मार्टफोन और उनके जरिए होने वाला सूचनाओं का आदान-प्रदान जीवन का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है. आम जिंदगी में कोई भी इसकी कल्पना नहीं कर सकता है कि वह किसी दिन स्मार्टफोन और उसमें मौजूद रहने वाले एप्लीकेशंस यानी एप्स के बिन ...
फोन निर्माता कंपनियां ग्राहकों को कई तरह के ऑफर देती रहती हैं। लेकिन आपने अधिकतर ऑफर इनकी कीमत को लेकर सुने होंगे। नोकिया ने अपने ग्राहकों के लिए एक खास ऑफर दिया है। ...
एक समय था जब मोबाइल फोन का नाम आते ही जितनी कंपनियों के नाम लिए जाते थे उनमें से अधिकतर भारतीय कंपनियां थीं। धीरे-धीरे भारत के मोबाइल बाजार में चीनी कंपनियों का कब्जा होता गया। ...
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चाइनीज फोन निर्माता कंपनियों का कब्जा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि लोगों के पास अन्य कंपनियों के फोन के विकल्प नहीं हैं लेकिन कम कीमत में बेहतरीन स्मार्टफोन के चलते चाइनीज कंपनियों ने लोगों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की है। ...
भारत-चीन के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए चीन को आर्थिक झटका देने के बारे में शोसल मीडिया पर चर्चा तेज है। इसमें चीनी एप से लेकर चीनी प्रॉडक्ट का बहिष्कार करने की बात कही जा रही है। ...
गूगल अपने स्मार्टफोन को लेकर लंबे समय से प्लानिंग कर रहा था। कंपनी अपने स्मार्टफोन को एक प्रीमियम ब्रांड की तरह पोजीशन करना चाहती थी। यही वजह है कि गूगल ने अपने नए आइडिया पर काम करते हुए पहले गूगल फोन के लोगो को बदला। इससे पहले गूगल के फोन नेक्सस नाम ...