Siddaramaiah: कर्नाटक कांग्रेस के कद्दावर नेता सिद्धारमैया का जन्म मैसूर के एक गाँव में हुआ था। पेशे से वकील सिद्धारमैया ने 1978 में अपने राजनीतीक जीवन की शुरूआत की। 1983 में 'भारतीय लोक दल' के टिकट पर चामुंडेश्वरी विधानसभा से चुनाव जीतकर विधान सभा पहुँचे। 1992 में उन्हें जनता दल का सेक्रेटरी जनरल बनाया गया। लेकिन बाद में जनता दल को छोड़कर सिद्धारमैया कांग्रेस में शामिल हो गये। साल 2004 में जब कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार बनी तो धरम सिंह मुख्यमंत्री बने और सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री का पद संभाला। साल 2013 के विधान सभा चुनाव में जब कांग्रेस को बहुमत मिला तो सिद्धारमैया राज्य के मुख्यमंत्री बने। Read More
Karnataka government: किसानों के लिए कोई योजना नहीं लाई जा रही है। आपको यह समझना चाहिए। क्या मुझे आपसे झूठ बोलना चाहिए और नाटक करना चाहिए? अगर चावल और अन्य फसलें नहीं उगाई जाएंगी तो देश क्या खाएगा? ...
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा (एमयूडीए) घोटाले में आरोपी बनाए जाने के बाद विपक्षी नेताओं के उस आह्वान का जवाब दिया, जिसमें उनसे पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। ...
कर्नाटक सरकार ने मुदिगेरे और चिकमंगलूर जैसे मुस्लिम आबादी वाले बाहुल्य जिलों में उर्दू भाषा को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है। सरकार का यह फैसला, जिसमें मुस्लिम बहुल जिलों में आंगनवाड़ी शिक्षकों के लिए उर्दू में प्रवीणता को एक अनिवार्य मानदंड बना ...
Karnataka MUDA case LIVE: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को एक बड़ा झटका देते हुए उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने भू आवंटन मामले में उनके विरुद्ध जांच के लिए राज्यपाल थारवरचंद गहलोत द्वारा दी गयी मंजूरी को ...
Karnataka MUDA scam: उच्च न्यायालय ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने भू आवंटन मामले में उनके विरूद्ध जांच के लिए राज्यपाल द्वारा दी गयी मंजूरी को चुनौती दी थी। ...
Karnataka Nandini Milk: देश का कोई भी राज्य 31 रुपये में दूध खरीदकर 45 रुपये में नहीं बेचता है। अन्य राज्यों में वे दूध 58-60 रुपये (प्रति लीटर) बेचते हैं। ...
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "यह अन्यायपूर्ण दृष्टिकोण सहकारी संघवाद की भावना को कमजोर करता है और प्रगतिशील राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता को खतरे में डालता है।" ...