राष्ट्रीय जनता दल भारत की एक राजनीतिक पार्टी है। बिहार से निकले राजनेता लालू प्रसाद यादव ने इसे 5-7-1997 को की थी। इस दल ने भारतीय राज्य बिहार में विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनाने में भी सफल रही। लोकसभा चुनाव में पार्टी मैदान में उतरती है। इसी पार्टी के नेता केंद्र में रेल मंत्री भी रहे हैं। फिलहाल पार्टी का नेतृत्व लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव कर रहे हैं। युवा राष्ट्रीय जनता दल इसी पार्टी का युवा संगठन है। राष्ट्रीय जनता दल का बिहार में मजबूत जनाधार है। साथ ही पार्टी आसपास के कई अन्य राज्यों में भी उम्मीदवार उतारती है। Read More
पोस्टल बैलट के आए रूझानों के अनुसार बीजेपी 41 और जेडीयू 32 सीटों पर आगे चल रही है। पोस्टल बैलट के रूझानों से पता चला रहा है कि नीतीश कुमार इस चुनाव में एनडीए के लिए कमजोर कड़ी साबित हुए हैं। ...
‘साइलेंट वोटर्स’ और महिलाओं के वोट पर ही बिहार मेम सरकार का भविष्य तय होना है. अगर ऐसा होता है तो इस सूरत में चुनाव परिणाण चौंकाने वाले होंगे और सरकार एनडीए की बनेगी. अनुमान लगाया जा रहा है कि एनडीए को 41 फीसद, महागठबंधन को 31 फीसद और अन्य को 28 फीसद ...
कांग्रेस उप मुख्यमंत्री पद के लिये अपना दावा पेश करेगी। कांग्रेस के आंतरिक आंकलन के अनुसार कल चुनाव परिणामों में 35 से 40 सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है। ...
एग्जिट पोल के नतीजों के बावजूद एनडीए को पूरी उम्मीद है कि वे वापस बिहार की सत्ता पर काबिज होंगे। एनडीए को साइलेंट और महिला वोटरों को लेकर एक आशा की किरण दिख रही है। ...
वर्ष 1990 के विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक कोई भी राष्ट्रीय पार्टी राज्य में अकेले सरकार नहीं बना पाई है, जबकि बिहार की पड़ोसी राज्यों झारखंड व यूपी में राष्ट्रीय पार्टियों का भी दबदबा रहा है और इनकी सरकारें भी बनती रही हैं. ...
एग्जिट पोल के हिसाब से देखें तो पिता की अनुपस्थिति में भी तेजस्वी यादव ने एनडीए के तमाम बड़े नेताओं का ना सिर्फ सामना किया बल्कि कम उम्र में अपनी राजनीतिक सूझबूझ से उन्हें टक्कर दे रहे हैं। ...
तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी राजद को लगता है कि चुनाव परिणाम के दिन महागठबंधन की जीत होती है तो पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर जुलूस निकालेंगे और हर्ष फायरिंग कर सकते हैं. ऐसे में फिर से पार्टी की छवि पर एक फिर से दाग लग सकता है. ...
राजनीति के जानकार बताते हैं कि वर्ष 2000 की तुलना में 2005 में वोट कम हुए थे तो सत्ता में बदलाव हो गया था. इसके बाद मतदान प्रतिशत बढ़ा तो सत्ता में बदलाव नहीं हुआ ...