नवरात्रि यानी 'नौ-रात'। हिन्दू धर्म में ये त्योहार वर्ष में चार बार आता है-चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ। चैत्र में चैत्र नवरात्रि और अश्विन में इस पर्व को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इन दो नवरात्रि से ठीक पहले गुप्त नवरात्रि आते हैं, जिन्हें गुप्त एवं तांत्रिक साधनाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन हिन्दू परिवारों में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व है और इसे ही विशेष रूप से मनाया जाता है। Read More
हर वर्ष आश्विन मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि से नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-आराधना आरंभ हो जाती है। इस बार की नवरात्रि बहुत खास है क्योंकि इस नवरात्रि 58 साल के विशेष फलदायी संयोग बन रहा है। ...
माता वैष्णो देवी की गुफा में दर्शन के लिये जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के वास्ते संयुक्त त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (क्यूआरटी) की तैनाती की गयी है जिसमें पुलिस एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान भी शामिल हैं। ...
नवरात्र 2020 का आरंभ 17 अक्टूबर से होने जा रहा है। जबकि आमतौर पर पितृपक्ष के समाप्त होते ही अगले दिन से नवरात्र का आरंभ हो जाता है। लेकिन अबकी बार मलमास ने पितृपक्ष और नवरात्र के बीच एक महीने का अंतर ला दिया है। ...
हर श्राद्ध खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि होती है और कलश स्थापना की जाती है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार श्राद्ध समाप्त होते ही अधिकमास लग जाएगा। ...
श्राद्ध खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि होती है और कलश स्थापना की जाती है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार श्राद्ध समाप्त होते ही अधिकमास लग जाएगा। ...