मौलाना मसूद अजहर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है। मसूद का जन्म पाकिस्तान के बाहावलपुर में 1968 को हुआ था। इसके कुल ग्यारह भाई-बहनों है। अजहर को सबसे पहले 1994 में श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया था। 2000 में मौलाना मसूद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन की स्थापना की। 2001 में भारतीय संसद पर हमला हुआ। इसके पीछे जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ही हाथ था। Read More
सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के प्रस्ताव पर से चीन की ओर से तकनीकी रोक हटाए जाने के बाद अजहर को एक मई को काली सूची में डाल दिया था। इसे भारत की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ...
भारत से इतर अमेरिकी स्टेट और ट्रेजरी विभाग किसी भी व्यक्ति को आतंकी घोषित कर सकता है, उन पर ट्रैवल बैन लगा सकता है और उनकी संपत्ति भी जब्त कर सकता है। ...
भारत पिछले 10 बरस से मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाने के लिए प्रयासरत था। 2009 में 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ये प्रस्ताव पेश किया था। ...
गांधी ने सवाल किया, ‘ ‘उसको किसने वहां भेजा था? उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जा रहा, लेकिन उसको पहले किसने वहां भेजा? वह पाकिस्तान कैसे पहुंचा? क्या कांग्रेस पार्टी ने उसे पाकिस्तान भेजा था? ...
अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत असद मजीद खान ने कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह कदम आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट ...
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति ने बुधवार को अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया, क्योंकि चीन ने ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका द्वारा लाए गए एक प्रस्ताव पर से अपनी ‘‘तकनीकी रोक’’ हटा ली। ...
पाकिस्तान में रहने वाले अजहर के हथियार खरीदने-बेचने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति ने बुधवार को अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। जैश ने फरवरी में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआर ...
बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। चीन ने तकनीकी आधार पर मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने पर ऐतराज को वापस ले लिया जिसके बाद यूएनएससी यह फैसला ले सका। अमेरिकी सरकार ने ...