भक्तों के संकट हरने वाले अष्टसिद्धियों के दाता हनुमान जी अपनी शरण में आए सभी लोगों का दुख दूर करते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बजरंगबली का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में हुआ था। हर साल इस दिन को हिंदू धर्म को मानने वाले लोग हनुमान जयंती के रूप में मनाते हैं। Read More
भारत में शायद यह पहला मंदिर होगा, जहां रामभक्त हनुमान माता अंजनी के साथ विराजमान हैं। यह मंदिर अकोला में मातृभक्त तपे हनुमान के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर करीब 455 वर्ष पुराना है। साथ ही बीते 455 वर्षों से यहां अखंड दीप जल रहा है। इस मंदिर में शुक ...
चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार हनुमान का जन्म हुआ था। माता अंजनी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया था। हनुमान जी के पिता का नाम केसरी था इसलिए उन्हें केसरी नंदन के नाम से भी जाना जाता है। ...
हनुमान जी को भगवान शिव का रूद्र अवतार माना जाता है।हनुमान जी का जन्म वानर राजा केसरी के ग्रह, उनकी पत्नी अंजना के गर्भ से हुआ था। हनुमान जयंती का यह पर्व पूरे देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है। ...
जब से इस मंदिर की स्थापना हु्ई है तब से ही मन्दिर के अन्दर अखण्ड दीप प्रज्वलित है। निरन्तर रूप से मन्दिर में बालाजी का कथा-पाठ, जप तथा कीर्तन चलता रहता है। दर्शन करने वाले भक्त भी सुन्दरकाण्ड पाठ एवं हनुमान चालीसा पढ़ कर बालाजी को मानाने हैं। ...
हनुमान जयंती के उपलक्ष्य पर कुछ लोग अपने घर में ही पूजा करते हैं किन्तु अधिकतर लोग मंदिर जाकर हनुमान जी की पूजा करते हैं। इनमें से भी कई लोग हनुमान जी के प्राचीन मंदिरों में जाकर पवनपुत्र के दर्शन से अपना जीवन सफल बनाते हैं। ...
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti): हनुमान जी बहुत ही जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। उन्हें भगवान शिव का अवतार माना जाता है। 'संकटमोचन' हनुमान जी अपने भक्तों की सदा सहायता करते हैं। ...