भक्तों के संकट हरने वाले अष्टसिद्धियों के दाता हनुमान जी अपनी शरण में आए सभी लोगों का दुख दूर करते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बजरंगबली का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में हुआ था। हर साल इस दिन को हिंदू धर्म को मानने वाले लोग हनुमान जयंती के रूप में मनाते हैं। Read More
गोस्वामी तुलसीदास जी हनुमान चालीसा के रचियता हैं, वे भी बहुत बड़े रामभक्त थे। वे श्रीराम से मिलना चाहते थे। उन्हें यह मालूम हो गया था कि हनुमान ही उन्हें राम जी से मिलवा सकते हैं। इसलिए उन्होंने हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा की रचना क ...
एक पौराणिक कथा के अनुसार हनुमान जी का सिन्दूर से संबंध माता सीता की वजह से है। पुराणों में वर्णित इस कथा को आधार मानते हुए ही हनुमान पूजा के दौरान सिन्दूर चढ़ाने का रिवाज है। ...
हनुमान जी का जन्म वानर राजा केसरी की पत्नी अंजना के गर्भ से हुआ था। हनुमान जी को भगवान शिव का रूद्र अवतार माना जाता है। हनुमान जी की पूजा कलयुग में सबसे ज्यादा की जाती है। ...
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti): पंडित दिवाकर के अनुसार, अगर आप अपने जीवन में सुख समृद्धि चाहते हैं, तो आपको आज किसी हनुमान मंदिर जाकर हनुमान के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। ...
हिन्दू धर्म में हनुमान जी को भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार के रूप में पूजनीय माना गया है। प्रति वर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी का प्रकटोत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष 18 अप्रैल 2019 को चित्रा नक्षत्र से हनुमान जयंती की तिथि का शुभारम्भ हो ...
हनुमान चालीसा में कुल 40 चौपाइयां हैं और अगर इसका मतलब निकाला जाए तो यह एक आम आदमी का जीवन क्रम होता है। माना जाता है कि तुल़सीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना रामचरित मानस के रचना से पहले ही कर दिया था। ऐसा उन्होंने राम जी को पाने के लिए किया था । ...
इंसान के सफलता और संघर्ष के दौर के मित्न अलग होते हैं. राम उन साथियों का सम्मान करते हैं, जो उनके साथ आड़े वक्त में खड़े थे. इसका एक बेजोड़ उदाहरण रामचरित मानस में मिलता है. ...