मोदी सरकार के पांच अगस्त के फैसले के बाद तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला समेत तीन कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। ...
यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाये जाने के खिलाफ था। इस प्रदर्शन के तहत कई कश्मीरी महिलाओं ने श्रीनगर के लाल चौक पर प्रदर्शन के लिए जुटने की कोशिश की थी। ...
दरअसल 5 अगस्त से राज्य के दो टुकड़े करने और उसकी पहचान खत्म किए जाने की कवायद के बाद से ही 5 हजार के लगभग छोटे बड़े राजनीतिज्ञों को हिरासत में रखा गया है और अब उनमें से उनकी रिहाई संभव हो रही है जो प्रशासन की शर्तें मानते हुए मुचलके पर हस्ताक्षर कर बां ...
नेकां के प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने शिष्टमंडल से कहा कि राज्य के लोगों ने विशेष दर्जा समाप्त किए जाने और राज्य को दो हिस्से में बांटे जाने पर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जता दिया है ...
जेपी नड्डा ने कहा कि हम लोग 70 साल से ये नारा लगाते रहे हैं कि एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो संविधान नहीं चलेंगे। अब हम गर्व महसूस कर सकते हैं कि एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक संविधान का सपना सच हो गया है। ...
फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके खिलाफ श्रीनगर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 14 सितंबर को पीएसए आदेश जारी किया गया था और वह पहले से ही अपने गुपकार रोड स्थित अपने निवास पर नजरबंद थे। ...