हिन्दू पंचांग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशियां पड़ती हैं। सभी एकादशियों में भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्जला एकादशी का व्रत है। इसके करने से सभी एकादशियों का फल साधक को मिलता है। ऐसी भी मान्यता है कि निर्जला एकादशी को महाभारत काल में पांडु पुत्र भीम ने किया था। इसलिए इसे भीम एकादशी भी कहते हैं। Read More
उत्पन्ना एकादशी को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन जो जातक मन से भगवान विष्णु की पूजा कर लेता है उसके सारे पाप कट जाते हैं। ...
इस एकादशी को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन जो जातक मन से भगवान विष्णु की पूजा कर लेता है उसके सारे पाप कट जाते हैं। ...
इस साल उत्पन्ना एकादशी 22 नवंबर को पड़ रही है। इस एकादशी को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन जो जातक मन से भगवान विष्णु की पूजा कर लेता है उसके सारे पाप कट जाते हैं। ...
Utpanna Ekadashi Kab Hai: बताया जाता है कि उत्पन्ना एकादशी को ही भगवान विष्णु ने मुरमुरा नामक राक्षस का वध किया था। जिसकी खुशी में हर साल उत्पन्ना एकादशी मनाई जाती है। ...
कार्तिक महीने में आनेवाली पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है. इस साल 12 नवंबर को कार्तिक मॉस की पूर्णिमा है. इसी तिथि पर गुरुनानक देव की जयंती भी है. हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा और देव दीपावली भी कहते हैं. पौराणि ...
हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. हिंदू पंचांग की ग्यारहवी तिथि को एकादशी कहते हैं.यह तिथि मास में दो बार आती है. पूर्णिमा के बाद और अमावस्या के बाद। पूर्णिमा के बाद आने वाली एकादशी को कृष्ण पक्ष की एकादशी और अमावस्या के बाद आने वाली एक ...
देवउठनी एकादशी पर ना सिर्फ तुलसी की पूजा होती है बल्कि भगवान विष्णु अपनी नींद से जागते हैं और आज ही के दिन विवाह जैसे कार्यों का शुभारम्भ हो जाता है। ...