हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि यानी दिवाली से ठीक 6 दिन बाद छठ पूजा का पर्व मनाया जाता है। हर साल अक्टूबर से नवंबर महीने के बीच यह पर्व पड़ता है। छठ पूजा को मुख्य रूप से बिहार के लोग ही मनाते हैं। बिहार के बाद पड़ोसी देश नेपाल में भी यह पर्व बड़े आयोजन के साथ मनाया जाता है। धीरे धीरे इस पर्व की प्रसिद्धि के साथ यह पर्व उत्तर भारत के कई राज्यों में मनाया जा रहा है। छठ पूजा में सूर्य देव, छठ मैया और पवित्र नदियों का विशेष महत्व होता है। Read More
अधिकारियों ने बताया है कि दो दिवसीय इस त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुचारू आवाजाही और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष यातायात व्यवस्था और डायवर्जन लागू किए जाएँगे। ...
यह इजाज़त रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने तब दी, जब दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अधिकारियों से बात की और छठ पूजा घाट को फिर से खुलवाया। ...
Chhath Kharna 2025: छठ पूजा का दूसरा दिन 'खरना' इस दिन सूर्यास्त के बाद खरना की पूजा-प्रसाद की क्रिया आरंभ होती है। साल 2025 में खरना कार्तिक पक्ष में मनाया जाएगा, सूर्योदय सुबह लगभग 6:29 बजे और सूर्यास्त शाम लगभग 5:41 बजे है। ...
Noida Traffic Alert: चूंकि प्रतिबंध लागू होंगे, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे देरी से बचने और भीड़भाड़ में फंसने से बचने के लिए अपने मार्गों की योजना तदनुसार बनाएं। ...
Delhi Chhath Puja 2025:त्योहार आस्था, भक्ति के साथ ही स्वच्छता का भी प्रतीक है जो प्रकृति, जल और सूर्य की पूजा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। ...