आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को वापस लेते हुए जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया है। राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया है। ...
जम्मू-कश्मीर के प्रधान सचिव (कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) एन के चौधरी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अक्टूबर 12 से 14 के बीच ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट आयोजित करने का फैसला लिया है। श्रीनगर में 12 अक्टूबर को इस कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। ...
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के राज्य की यात्रा पर आने संबंधी आमंत्रण को मंगलवार को स्वीकार कर लिया था और कहा था कि उन्हें विमान की जरूरत नहीं है। इस मामले पर अब फिर से राजभवन की ओर से कहा गया है कि मामले पर राजनीति न की जाए। ...
राजभवन के एक प्रवक्ता ने गत शुक्रवार को बताया था कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य के छात्रों के लिए ईद पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रत्येक संपर्क अधिकारी को एक-एक लाख रुपये देने की स्वीकृति दी थी। यह वे छात्र थे जो विभिन्न शहरों ...
पी चिदंबरम ने सोमवार को आरोप लगाया था कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा इसलिए खत्म किया, क्योंकि वह मुस्लिम ‘‘बहुल’’ राज्य है। उनके इस बयान पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जवाब दिया है। ...
पाकिस्तान के इमरान खान सरकार में विज्ञान और टेक्नोलॉजी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने भारतीय सेना में तैनात पंजाबी जवानों को भड़काने वाला विवादित ट्वीट किया है। ...
अनुच्छेद 370ः इस्लामिक स्कॉलर का कहना है कि कश्मीर कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं था। हिंदू धर्म से इस्लाम में परिवर्तित होने वाले मुसलमान इस तथ्य को नहीं बदल सकते हैं कि पूरा क्षेत्र हिंदू भूमि है। ...