Maharashtra: नागपुर में मरीजों की जान से खिलवाड़, नकली इंजेक्शनों की बिक्री का रैकेट उजागर
By फहीम ख़ान | Updated: April 24, 2026 18:39 IST2026-04-24T18:39:48+5:302026-04-24T18:39:52+5:30
Maharashtra: पुलिस ने तुलसीनगर इलाके से इंजेक्शनों का बड़ा स्टॉक जब्त किया है. यह मामला शांति नगर थाना क्षेत्र का है.

Maharashtra: नागपुर में मरीजों की जान से खिलवाड़, नकली इंजेक्शनों की बिक्री का रैकेट उजागर
Maharashtra: नागपुर में लोगों की जान से सीधे खिलवाड़ करने वाले नकली इंजेक्शनों के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है. मुनाफे के लालच में आरोपियों ने लोगों के स्वास्थ्य और जीवन को खतरे में डाल दिया था. पुलिस ने तुलसीनगर इलाके से इंजेक्शनों का बड़ा स्टॉक जब्त किया है. यह मामला शांति नगर थाना क्षेत्र का है.
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से दवा कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां नियमित जांच की जाती है. इसी क्रम में तुलसी अपार्टमेंट्स, तुलसीनगर कॉलोनी स्थित मेसर्स हिताशी फार्मास्युटिकल्स में जांच के दौरान ‘एल्ब्युरेल’ नामक इंजेक्शन के सैंपल लिए गए और जांच के लिए भेजे गए. यह जांच अक्टूबर 2025 में की गई थी. रिपोर्ट आने के बाद अधिकारियों को बड़ा झटका लगा, क्योंकि इंजेक्शन नकली पाए गए.
यह दवाएं सीधे बिक्री के लिए रखी गई थीं, यानी लोगों तक नकली इंजेक्शनों की सप्लाई की जा रही थी. मामले की गहराई से जांच करने पर मुंबई, नवी मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली और चंडीगढ़ तक इस रैकेट के तार जुड़े होने का खुलासा हुआ. औषधि निरीक्षक प्रशांत राजेंद्र रामटेके की शिकायत पर पुलिस ने मेसर्स हिताशी फार्मास्युटिकल्स, मेसर्स एन.आर.एन. मित्र डिस्ट्रीब्यूटर्स (मुंबई व हैदराबाद), मेसर्स आर.आर.टी. फार्मा (पनवेल-नवी मुंबई) तथा दिल्ली के दानिश खान और राजकुमार मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
हजारों इंजेक्शनों की हुई बिक्री
जांच में सामने आया कि सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच बड़ी मात्रा में नकली इंजेक्शनों का निर्माण कर बाजार में बेचा गया. इन इंजेक्शनों के कारण कितने लोगों की तबीयत बिगड़ी होगी या कितनों का इलाज असफल रहा होगा, यह एक गंभीर सवाल बनकर सामने आया है.