कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है। घर से बाहर न निकलें के चलते कई कंपनियों के कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) कर रहे हैं। और घर से वही काम संभव है जो इंटरनेट के जरिए हो सकत है। इसके अलावा स्कूलों कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र और अन्य लोग भी पूरी तरह से घरों में हैं। इन सबके चलते इंटरनेट का इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ गया है।
डेटा की खपत को देखते हुए मोबाइल दूरसंचार सेवा कंपनियों के संगठन COAI (सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने बुधवार को मोबाइल यूज़र्स से डेटा का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। ताकि आवश्यक सेवाएं आसानी से चल सकें।
सीओएआई ने जनता से ये अपील ऐसे समय में की है, जब पिछले कुछ दिनों में डेटा का उपयोग लगभग 30 प्रतिशत बढ़ गया है। इसके पीछे लोगों का वर्क फ्रॉम होम करने के साथ ही अन्य लोगों का घरों में बैठे-बैठे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम जैसे ओटीटी (OTT) प्लेटफार्मों पर ऑनलाइन मूवी देखना, यूट्यूब वीडियो आदि शामिल है।
भारतीय सेल्युलर ऑपरेटर संघ के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने कहा कि हम लोगों से जिम्मेदारी के साथ नेटवर्क का इस्तेमाल करने के लिए कह रहे हैं। इंटरनेट और नेटवर्क के किसी भी गैर-जरूरी इस्तेमाल से बचने के लिए दूरदराज में चल रहे काम, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य सेवा, भुगतान और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं सुचारू रूप से और निर्बाध रूप से चल सकें।
उन्होंने कहा कि मोबाइल उपयोगकर्ता व्यस्त समय के अलावा सुबह या देर शाम को ऑनलाइन गतिविधियां कर सकते हैं। मैथ्यूज ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में डेटा की डिमांड 20-30 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
इंटरनेट के ज्यादा इस्तेमाल से जरूरी सेवाएं बाधित न हो इसके लिए कई ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने एचडी कंटेंट की सेवा भी फिलहाल के लिए रोक दी है।