लाइव न्यूज़ :

Tulsi Vivah 2025: तुलसी विवाह के लिए ये हैं 7 भोग जो सौभाग्य की देते हैं फुल गारंटी

By रुस्तम राणा | Updated: November 1, 2025 15:24 IST

इस पूजा में खास और शुद्ध भोग (खाने का प्रसाद) चढ़ाना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि माना जाता है कि भगवान विष्णु को मीठी और सात्विक चीज़ें पसंद हैं। इन पकवानों को भक्ति भाव से परोसने से सुख-समृद्धि, वैवाहिक सुख और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

Open in App

Tulsi Vivah 2025: तुलसी विवाह, हिंदू महीने कार्तिक में द्वादशी तिथि (देव उठनी एकादशी के अगले दिन) को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 2 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन देवी तुलसी और भगवान शालिग्राम (भगवान विष्णु का एक रूप) की शादी की रस्म होती है। यह दिन चातुर्मास के चार महीने की अवधि के खत्म होने और शादियों सहित सभी शुभ कामों की शुरुआत का प्रतीक है। इस पूजा में खास और शुद्ध भोग (खाने का प्रसाद) चढ़ाना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि माना जाता है कि भगवान विष्णु को मीठी और सात्विक चीज़ें पसंद हैं। इन पकवानों को भक्ति भाव से परोसने से सुख-समृद्धि, वैवाहिक सुख और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

यहां तुलसी विवाह 2025 के लिए 7 शुभ भोग आइडिया दिए गए हैं: 

1. पंचामृत (पवित्र अमृत) यह भगवान विष्णु के लिए सबसे ज़रूरी भोग है और तुलसी विवाह के लिए ज़रूरी है। यह जीवन के पांच तत्वों का प्रतीक है। सामग्री: दूध, दही, शहद, घी, और गंगाजल (या साफ पानी)। शुभ महत्व: माना जाता है कि पंचामृत चढ़ाने से आत्मा शुद्ध होती है और विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, जिससे आध्यात्मिक विकास और पवित्रता आती है। 

2. केसर चावल की खीर लगभग हर शुभ मौके पर बनाई जाने वाली एक क्लासिक मीठी डिश, खीर भगवान विष्णु को बहुत पसंद है। सामग्री: दूध, चावल, चीनी, इलायची, और एक चुटकी केसर।शुभ महत्व: मिठास खुशी और समृद्धि का प्रतीक है। घर में स्थिरता, प्रचुरता और धन लाने के लिए खीर चढ़ाई जाती है।

3. सूजी/आटा हलवा (सूजी/गेहूं का आटा हलवा) हलवा प्रसाद के सबसे आसान और पारंपरिक रूपों में से एक है। यह आटा, चीनी और भरपूर घी से बनाया जाता है। सामग्री: सूजी या साबुत गेहूं का आटा, चीनी, घी और सूखे मेवे। शुभ महत्व: श्रद्धा के साथ हलवा बनाने से ज्ञान, मन की शांति और इच्छाओं की पूर्ति होती है। 

4. मौसमी फल (ऋतु फल) कोई भी भोग ताज़े, मौसमी फलों के बिना पूरा नहीं होता, खासकर वे फल जो कार्तिक महीने के आसपास पकते हैं। मुख्य प्रसाद: गन्ना: अक्सर मंडप (वेदी) को सजाने और भोग के रूप में चढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह एक सफल और मीठे जीवन का प्रतीक है। आंवला और बेर: इन्हें इस मौसम में चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। शुभ महत्व: फल चढ़ाना कृतज्ञता और समर्पण का प्रतीक है, जो स्वास्थ्य और लंबी उम्र सुनिश्चित करता है। 

5. मालपुआ (डीप-फ्राइड मीठे पैनकेक) ये मीठे, स्पंजी पैनकेक त्योहारों में बहुत पसंद किए जाते हैं, खासकर उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में विशेष पूजाओं के लिए ये बहुत लोकप्रिय हैं। सामग्री: आटा, दूध, सौंफ के बीज और चीनी की चाशनी। शुभ महत्व: मालपुआ खुशी और उत्सव का प्रतिनिधित्व करता है। इसे चढ़ाने से वैवाहिक जीवन में मिठास और सद्भाव आता है।

6. पंजीरी या ड्राई फ्रूट प्रसाद पंजीरी एक सूखा, पौष्टिक प्रसाद है जो साबुत गेहूं के आटे, पिसी हुई चीनी और ड्राई फ्रूट्स से बनता है, और अक्सर इसमें मखाना और खाने वाला गोंद भी मिलाया जाता है। सामग्री: साबुत गेहूं का आटा, पिसी हुई चीनी, घी, काजू, बादाम और किशमिश। शुभ महत्व: यह प्रसाद स्टोर करने और बांटने में आसान है, जो सादगी, शक्ति और भक्ति की निरंतरता का प्रतीक है। 

7. तुलसी के पत्ते (तुलसी दल) हालांकि यह कोई तैयार पकवान नहीं है, लेकिन तुलसी के पत्ते चढ़ाना भोग का सबसे ज़रूरी हिस्सा है। रीति-रिवाज: भगवान शालिग्राम (विष्णु) को चढ़ाए जाने वाले भोग की हर चीज़ पर एक तुलसी का पत्ता रखा होना चाहिए। इसके बिना, भोग अधूरा माना जाता है। शुभ महत्व: तुलसी विष्णु को बहुत प्रिय है। पत्ता चढ़ाने से यह पक्का हो जाता है कि भोग स्वीकार कर लिया गया है और भक्त को भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की बिना शर्त कृपा मिलती है।

टॅग्स :हिंदू त्योहारधर्मधार्मिक खबरें
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठMay 2026 Festival Calendar: मोहिनी एकादशी से लेकर बुद्ध पूर्णिमा तक, नोट कर लें मई महीने की त्योहारों की तारीख

पूजा पाठUpcoming Hindu Festivals List: अप्रैल 2026 में 6 बड़े त्योहार, ये तारीखें नोट कर लें वरना पछताएंगे

पूजा पाठAkshaya Tritiya 2026: सोना खरीदने के पैसे नहीं हैं, अक्षय तृतीया पर खरीदें ये 7 चीजें बदल देंगी किस्मत!

पूजा पाठBohag Bihu 2026: कब है रोंगाली बिहू? जानिए क्यों खास हैं उत्सव के ये 7 दिन

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 18 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 18 May 2026: आज कर्क समेत 5 राशियों के लिए भाग्यशाली है दिन, नौकरी-व्यापार में प्राप्त होंगे नए अवसर

पूजा पाठपंच केदार तीर्थयात्राः रहिए तैयार, 18 मई को खुलेंगे श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, पवित्र डोली धार्मिक मंत्रोच्चार, पुष्प वर्षा और गढ़वाल राइफल्स सेना बैंड द्वारा बजाई गई धुनों के बीच रवाना

पूजा पाठPanchang 17 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 17 May 2026: आज मेष समेत इन 4 राशिवालों की चल-अचल संपत्ति में बढ़ोतरी होने की संभावना