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गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के पीछे हटने के बीच कांग्रेस का सरकार पर हमला, पूछा- 'क्या पीएम मोदी अपने बयान पर अब मांगेंगे माफी?'

By विनीत कुमार | Updated: July 7, 2020 07:15 IST

चीनी सैनिकों के गलवान घाटी में पीछे हटने की खबरों के बीच कांग्रेस ने सवाल किया है कि अगर चीनी सैनिक पीछे हट रहे तो क्या इसका ये मतलब नहीं कि वे भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। साथ ही कांग्रेस ने पूछा कि क्या पीएम नरेंद्र मोदी इस संबंध में अपने पूर्व के बयान के लिए माफी मांगेगे।

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ठळक मुद्देकांग्रेस ने मोदी सरकार पर बोला हमला, पूछा- चीन के पीछे हटने का मतलब क्या ये नहीं है कि वे पहले भारतीय सीमा में घुसे थेकांग्रेस की ओर से पवन खेड़ा ने कहा- प्रधानमंत्री खुद बताएं कि चीन कहां तक घुसा था और क्या अब भी कोई इलाका उसके कब्जे में है?

कांग्रेस पार्टी ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच चीनी सैनिकों के पीछे हटने की आई खबरों को लेकर एक बार फिर केंद्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने पूछा है कि क्या पीएम मोदी सर्वदलीय बैठक में दिए उस बयान को क्या अब वापस लेंगे जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय सीमा में कोई नहीं घुसा है।

कांग्रेस की ओर से पवन खेड़ा ने दावा किया कि अगर चीन के सैनिक अब पीछे हट रहे हैं तो ये साबित हुआ है चीनी सैनिक भारत की सीमा में प्रवेश कर चुके थे। पवन खेड़ा ने साथ ही कहा, 'पीएम के बयान को चीन ने अपने लिए एक क्लीनचिट की तरह इस्तेमाल किया। इससे पूरे विश्व में  हमारी जो कूटनीतिक मेहनत थी, उसको चोट पहुंची है, आघात पहुंचा है।'

पवन खेड़ा यही नहीं रूके और कहा कि प्रधानमंत्री को ये अब बताना चाहिए कि चीन भारत की सीमा में कितने किलोमीटर तक और कहां पीछे हटा है। पवन खेड़ा ने कहा, 'हम पूछना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री ने सर्वदलीय बैठक में जो वक्तव्य दिया था, क्या उस वक्तव्य को वापस लेंगे? क्या वह देश से माफी मांगेगे कि हां मुझसे गलती हुई, मैंने ये गलतबयानी की?'

खेड़ा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के स्तर पर बैठा हुआ व्यक्ति जब गलत बयान करता है तो विषय बहुत गंभीर हो जाता है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री जी को स्वयं आकर बताना चाहिए कि चीन की सेना कितने किलोमीटर तक पीछे गई, कहां तक आई थी  अब भी कितने इलाके पर काबिज है?'

बता दें कि सोमवार को ये खबर सामने आई कि पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सेना पीछे हटने पर सहमत हुई है। इससे एक दिन पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी कल दी थी।

वहीं, कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने इस घटनाक्रम पर कहा कि चीनी सैनिकों का गलवान घाटी में पीछे हटना अच्छा है लेकिन सरकार को चीन को पेगोंग सो इलाके से पीछे हटाने पर भी जोर देना चाहिए तथा सीमा पर कड़ी चौकसी बरतनी चाहिए।

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने भारत-चीन तनाव पर पिछले महीने बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा कि भारत के क्षेत्र में कोई घुसा है और न ही किसी ने भारतीय चौकी पर कब्जा किया है। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा था कि कुछ हलकों में प्रधानमंत्री के बयान की 'शरारतपूर्ण' व्याख्या का प्रयास हो रहा है।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीकांग्रेसचीनलद्दाख
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