लाइव न्यूज़ :

Hindenburg row: कौन है जॉर्ज सोरोस? भाजपा अक्सर इस अरबपति को क्यों जोड़ती कांग्रेस से?

By रुस्तम राणा | Updated: August 12, 2024 19:13 IST

ओपन सोसाइटी फाउंडेशन की स्थापना करने वाले सोरोस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखर आलोचक रहे हैं। उन पर भाजपा द्वारा अतीत में "भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया" में हस्तक्षेप करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है। 

Open in App

Hindenburg row: हिंडनबर्ग की ताजा रिपोर्ट ने भारत में एकबार फिर से सियासी हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस इसको लेकर सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी पर हमले कर रही है।अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलर ने भारतीय बाजार नियामक बॉडी सेबी की चेयरपर्सन माधबी बुच पर हितों के टकराव का आरोप लगाया है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा ने सोमवार को  हिंडनबर्ग रिसर्च पर हमला किया और आरोप लगाया कि हंगरी में जन्मे अमेरिकी निवेशक जॉर्ज सोरोस इसके मुख्य निवेशक हैं। ओपन सोसाइटी फाउंडेशन की स्थापना करने वाले सोरोस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखर आलोचक रहे हैं। उन पर भाजपा द्वारा अतीत में "भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया" में हस्तक्षेप करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है। 

कौन है जॉर्ज सोरोस?

1930 में जन्मे जॉर्ज सोरोस यहूदी वंश के हैं। वे हंगरी के नाजी कब्जे से बच निकले और 1947 में यूके चले गए। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अपनी पढ़ाई के लिए सोरोस ने रेलवे पोर्टर और वेटर के रूप में काम किया। सोरोस ने 1969 में अपना पहला हेज फंड, डबल ईगल लॉन्च किया। इस फंड की सफलता ने उन्हें 1970 में अपना दूसरा हेज फंड, सोरोस फंड मैनेजमेंट स्थापित करने में मदद की। 1979 और 2011 के बीच, उन्होंने कथित तौर पर विभिन्न परोपकारी प्रयासों के लिए $11 बिलियन से अधिक का योगदान दिया। 

सोरोस ने 1984 में ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन की स्थापना की। यह निकाय 120 से अधिक देशों में न्याय, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपने समर्पण की घोषणा करता है। रिपोर्टों के अनुसार, सोरोस ने 1979 से 2011 के बीच विभिन्न परोपकारी प्रयासों में $11 बिलियन से अधिक का योगदान दिया।

सोरोस का भारत से संबंध

फरवरी 2023 में, सोरोस ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट में उल्लिखित अडानी समूह की कंपनियों के कथित स्टॉक सेलऑफ के बारे में बात की। उन्होंने पीएम मोदी को “कोई लोकतंत्रवादी नहीं” करार दिया और कहा कि अडानी “प्रकरण” संभावित रूप से भारत में लोकतंत्र के पुनरुत्थान का कारण बन सकता है।

टॅग्स :हिंडनबर्गBJPकांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतकेरल सीएम सतीशन का पहला आदेश: महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹3,000 की बढ़ोतरी

भारतसीएम डॉ. मोहन ने लिया मंत्रियों से एक-एक काम का हिसाब, जानें सरकार-संगठन के बीच क्या हुई बात?

भारतकौन हैं वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन?, परावुर सीट से 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत हासिल की?

भारतमहाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीट पर चुनाव, 18 जून को पड़ेंगे वोट, निर्वाचन आयोग की घोषणा, जानें मतगणना कब?

भारतBilaspur Nikay Chunav Results: कुल 11 सीट और भाजपा ने 9 और कांग्रेस ने 2 सीट पर दर्ज की जीत?

भारत अधिक खबरें

भारतDelhi Traffic Update: दिल्ली वाले ध्यान दें! 19 मई को ट्रैफिक जाम से बचना है, तो इन रास्तों का करें इस्तेमाल

भारतभविष्य के लिए ये कैसी पौध तैयार कर रहे हैं हम ?

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई