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क्या है गगनयान के सफल लॉन्चिंग का पूरा सच, इसरो प्रमुख ने खुद बताई ये वजह

By आकाश चौरसिया | Updated: October 21, 2023 12:18 IST

इसरो प्रमुख ने बताया कि उड़ान को कुछ समय के लिए रोका गया और फिर दूसरे प्रयास में कामयाबी हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि ग्राउंड कंप्यूटर द्वारा गैर-अनुरूपता का पता चलने के बाद शुरुआत में उड़ान को रोका गया।

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ठळक मुद्देइसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने बताया दूसरे प्रयास में कामयाबी हाथ लगी हैदूसरे प्रयास में सटीक डेटा कलेक्ट किया और अधिक विश्लेषण के साथ फिर सफलता मिलीअब पीएम मोदी ने स्पेश स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है

नई दिल्ली:इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने आज अपने पहले मानव मिशन गगनयान के लिए मानव रहित परीक्षण उड़ान को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। इसरो प्रमुख ने बताया कि उड़ान को कुछ समय के लिए रोका गया और फिर दूसरे प्रयास में कामयाबी हाथ लगी है। 

इसरो प्रमुख ने बताया कि ग्राउंड कंप्यूटर द्वारा गैर-अनुरूपता का पता चलने के बाद शुरुआत में उड़ान को इस कारण रोक दिया गया था। साथ ही इसकी पहचान की और इसे बहुत जल्दी ठीक करना का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि समुद्र से क्रू मॉड्यूल की बरामदगी के बाद हमने अधिक डेटा कलेक्ट किया और अधिक विश्लेषण के साथ वापसी की। मिशन निदेशक एस शिवकुमार ने कहा कि परीक्षण उड़ान प्रक्षेपण के दौरान सभी तरह की प्रणालियों ने बेहतर परफॉर्म किया है। 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का महत्वाकांक्षी मिश गगनयान के क्रू एस्केप मॉड्यूल ने योजना के अनुसार सफल लैंडिंग की। इसरो ने इसका वीडियो भी जारी किया। क्रू एस्केप मॉड्यूल की सफल लैंडिंग के बाद इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने वैज्ञानिकों को बधाई दी। 

इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा, "यह पहले कभी न किए गए प्रयास जैसा है। यह एक साथ रखे गए तीन प्रयोगों के गुलदस्ते की तरह ही है। इस प्रयोग या इस मिशन के माध्यम से हम जो परीक्षण करना चाहते थे, हमने तीनों प्रणालियों की विशेषताओं को देखा है। परीक्षण वाहन, क्रू एस्केप सिस्टम, क्रू मॉड्यूल सब कुछ, हमने पहले प्रयास में पूरी तरह से प्रदर्शित किया है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि यह काफी महत्वाकांक्षी मिशन रहा है और यह काफी महत्वपूर्ण रोल निभा रहा है। वहीं मोदी ने अगला लक्ष्य भारतीय स्पेश स्टेशन 2035 तक स्थापित करने का रखा है और साल 2040 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री भेजने का है। 

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