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पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई के खिलाफ FIR, राहत सामग्री की चोरी का आरोप

By विनीत कुमार | Updated: June 6, 2021 09:41 IST

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला कांठी नगरपालिका से जुड़ा है। अधिकारी के भाई के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।

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ठळक मुद्देशुभेंदु अधिकारी और उनके भाई पर कांठी नगरपालिका से राहत सामग्री चोरी का आरोपएफआईआर में 29 मई, 2021 को कांठी नगरपालिका से जबरन लाखों रुपयों के तिरपाल निकालने का आरोपआरोपों के अनुसार शुभेंदु अधिकारी ने इस काम में केंद्रीय बलों का भी इस्तेमाल किया

पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई के खिलाफ कथित तौर पर करीब लाखों रुपये की राहत सामग्री चोरी करने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। इनके खिलाफ ये पुलिस केस पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से करीब 150 किमी दूर कांठी के नगरपालिका कार्यालय से कथित तौर सामग्रियों की चोरी को लेकर किया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार एफआईआर रत्नदीप मन्ना की शिकायत पर दर्ज की गई है। मन्ना कांठी नगरपालिका प्रशासनिक बोर्ड के एक सदस्य हैं। 

कांठी पुलिस स्टेशन में 1 जून को कराई गई शिकायत में कहा गया है, '29 मई 2021 को दोपहर 12.30 बजे शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई तथा कांठी नगरपालिका के पूर्व प्रमुख सौमेंदु अधिकारी के निर्देश पर सरकारी तिरपाल को जबरन नगरपालिका के कार्यालय से ले जाया गया। इसकी कीमत करीब लाखों रुपये थी।'   

शिकायत में ये भी कहा गया है कि इस 'चोरी' में बीजेपी नेता ने केंद्रीय बलों का भी इस्तेमाल किया। बता दें कि शुभेंदु अधिकारी के ही एक और करीबी राखल बेरा को एक शख्स से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ठगने के आरोप में कोलकाता पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।

आरोपों के अनुसार बेरा ने 2019 में पश्चिम बंगाल में एक मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर शख्स से 2 लाख रुपये लिये थे जबकि उसे नौकरी भी नहीं मिली थी।  

चुनाव के बाद भी भाजपा-टीएसी में जारी है तनातनी

गौरतलब है कि कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले शुभेंदु अधिकारी ने पिछले साल टीएमसी छोड़ दी थी और विधानसभा चुनाव से पहले दिसंबर-2020 में भाजपा में शामिल हो गए थे। वे फिलहाल बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था और करीब 1200 वोटों से जीत हासिल करने में कामयाब रहे। इन सबके बीच उस समय भी बीजेपी शासित केंद्र और राज्य के बीच मतभेद उस समय खुलकर सामने आ गए थे जब चक्रवात तूफान यास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में ममता शामिल नहीं हुईं। 

रिपोर्ट्स के अनुसार ममता बैठक में शुभेंदु अधिकारी को भी बुलाए जाने को लेकर नाराज थीं। हालांकि, बाद में ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी से अलग से मुलाकात की थी। वहीं, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव रहे अलपन बंदोपाध्याय को लेकर भी विवाद सुर्खियों में है।

टॅग्स :शुभेंदु अधिकारीममता बनर्जीपश्चिम बंगालनरेंद्र मोदीभारतीय जनता पार्टीटीएमसी
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