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1 मार्च से बदलने वाला है तिरुपति मंदिर के दर्शन का तरीका, शुरू हो रही है चेहरे की पहचान प्रणाली, जानें इसके फायदे-पूरा डिटेल

By आजाद खान | Updated: February 22, 2023 09:35 IST

आपको बता दें कि तिरुमाला में लगभग सात हजार ठहरने के जगह है जिसमें से एक हजार रिजर्व रहता है। इसके बाद छह हजार जगहों को भक्तों के लिए छोड़ा गया है और इसमें यहां आने वाले तीर्थयात्री ठहरते है।

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ठळक मुद्देतिरुपति मंदिर को लेकर एक खबर सामने आई है। मंदिर में 1 मार्च से चेहरे की पहचान प्रणाली शुरू होने जा रही है। इससे तीर्थयात्रियों को मंदिर का दर्शन और ठहरने के जगह को सही से मुहैया कराने में सुविधा होगी।

अमरावती: दुनिया भर में मशहूर भगवान वेंकटेश्वर मंदिर (Lord Venkateswara Temple) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। मंदिर 1 मार्च से चेहरे की पहचान प्रणाली (facial recognition system) को चालु करने जा रहा है। इस सिस्टम के चालु होने से उन लोगों को फायदा पहुंचेगा जो मंदिर में दर्शन करने जाते है और वहां ठहरते है। 

फिलहाल इस सिस्टम को अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस सिस्टम को चालु करने के पीछे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर तीर्थयात्रियों को बेहतर से बेहतर सुविधा प्रदान करने की कोशिश की जा रही है। 

मंदिर की वेबसाइट पर क्या जानकारी दी गई है

आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश में तिरुपति (Tirupati) में स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर को लेकर इसके वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई है कि ट्र्स्ट 1 मार्च से चेहरे की पहचान प्रणाली की सुविधा को शुरू कर रहा है। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए वेबसाइट में कहा गया है कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम 1 मार्च से वैकुंठम 2 और AMS सिस्टम में प्रायोगिक आधार पर फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रहा है।

इसे शुरू करने को लेकर यह कहा गया है कि इस सिस्टम के कारण बिना टोकन का दर्शन हो पाएगा साथ ही इसके जरिए रहने के लिए भी सुविधा प्रदान करने में आसानी हो सकती है। यही नहीं 'सर्व दर्शन कॉम्प्लेक्स और कॉशन डिपॉजिट रिफंड काउंटर' को लेकर भी वेबसाइट में जिक्र किया गया है और कहा गया है कि इस काउंटर पर टोकन के लिए भी इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। 

गौर करने वाली बात यह है कि तिरुमाला में भक्तों के रहने के लिए सात हजार आवासीय सुविधाएं है। इन आवासीय सुविधाओं में एक हजार सुविधाएं रिजर्व रहती है और बाकी के बचे आवासीय सुविधाएं आम भक्तों के लिए है।  

दुनिया का है सबसे अमीर मंदिर

बता दें कि भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर को लेकर यह दावा किया जाता है कि यह मंदिर दुनिया की सबसे अमीर मंदिर है। यहां पर हर साल करीब 2.5 करोड़ भक्त दर्शन के लिए आते है। ऐसे में ये भक्त भगवान को भारी चढ़ावा भी चढ़ाते है। मंदिर में भक्त कैश के साथ सोना भी चढ़ाते है। 

ध्यान देने वाली बात यह है कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने 1993 में अपनी शुद्ध संपत्ति को घोषित किया था और बताया था कि उसकी कुल संपत्ति 2.5 लाख करोड़ रुपए है 

टॅग्स :Tirupatiआंध्र प्रदेश
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