लाइव न्यूज़ :

ज्ञानवापी केस की याचिकाकर्ता ने राष्ट्रपति को पत्र लिख मांगी इच्छामृत्यु, साथियों पर लगाया गंभीर आरोप

By अंजली चौहान | Updated: June 8, 2023 11:46 IST

राखी सिंह और चार अन्य महिला याचिकाकर्ताओं ने अगस्त 2021 में मूल मुकदमा दायर किया था जिसमें हिंदू मूर्तियों की पूजा करने की अनुमति मांगी गई थी, उनका दावा था कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हैं।

Open in App
ठळक मुद्देज्ञानवापी मस्जिद केस की याचिकाकर्ता राखी सिंह ने इच्छामृत्यु की मांग की राखी सिंह ने अपने सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए राखी सिंह समेत चार महिलाओं ने मस्जिद परिसर को लेकर केस दायर किया था

नई दिल्ली: वाराणसीज्ञानवापी मस्जिद मामले की एक याचिकाकर्ता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिख कर इच्छामृत्यु की मांग की है। याचिकाकर्ता राखी सिंह ने राष्ट्रपति ने इच्छामृत्यु का अनुरोध करते हुए लिखा है, जो वादियों के बीच विवाद का परिणाम प्रतीत होता है।

राखी सिंह, उन पांच महिला याचिकाकर्ताओं में से एक हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश की एक अदालत से अनुरोध किया कि मस्जिद परिसर में हिंदू प्रार्थना और अनुष्ठानों की अनुमति दी जाए। 

राखी सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि वह 9 जून (शुक्रवार) को सुबह 9 बजे तक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगी। उसके बाद, उसने दावा किया कि वह अपना फैसला खुद लेगी।

गौरतलब है कि इस पत्र में विस्तार से बताया गया है कि उनका उनके साथी याचिकाकर्ताओं द्वारा उत्पीड़न किया गया है। इस गंभीर आरोप को लगाते हुए उन्होंने कहा कि मानसिक दबाव के कारण वह इच्छामृत्यु की मांग कर रही है। 

ज्ञानवापी मामले में राखी सिंह के अलावा प्रमुख हिंदू याचिककार्ताओं में से एक जितेंद्र सिंह विसेन भी है जिनकी वह रिश्तेदार हैं। जितेंद्र सिंह ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह और उनका परिवार ज्ञानवापी विवाद से संबंधित सभी मामलों से कथित "उत्पीड़न" के कारण वापस ले रहे हैं।

विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख विसेन ने कहा, "मैं और मेरा परिवार (पत्नी किरण सिंह और भतीजी राखी सिंह) देश और धर्म के हित में विभिन्न अदालतों में दायर किए गए ज्ञानवापी संबंधी सभी मामलों से वापस ले रहे हैं।" उन्होंने मामलों को अपनी सबसे बड़ी गलती कहते हुए कहा कि उनके कई याचिकाकर्ता सहयोगियों और लोगों ने उनका उत्पीड़न किया है। 

उन्होंने कहा कि ऐसे में सीमित ताकत और संसाधनों के कारण अब मैं धर्म के लिए यह लड़ाई नहीं लड़ सकता और इसलिए मैं इसे छोड़ रहा हूं यह समाज सिर्फ उनके साथ है जो धर्म के नाम पर नौटंकी खेलकर गुमराह करते हैं। 

बता दें कि राखी सिंह और चार अन्य महिला याचिकाकर्ताओं ने अगस्त 2021 में मूल मुकदमा दायर किया था जिसमें हिंदू मूर्तियों की पूजा करने की अनुमति मांगी गई थी, उनका दावा था कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हैं। हालांकि, याचिकाकर्ताओं के बीच मतभेद सामने आए हैं।

टॅग्स :ज्ञानवापी मस्जिदवाराणसीद्रौपदी मुर्मू
Open in App

संबंधित खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

कारोबारविश्वनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच एमओयू, सीएम मोहन यादव बोले- नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा देश

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

कारोबारस्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में साझा होंगे नवाचार, 31 मार्च को मुख्यमंत्री यादव वाराणसी में रखेंगे मध्य प्रदेश का ओडीओपी मॉडल

भारतBihar Diwas 2026: गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और उज्ज्वल भविष्य महोत्सव?, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी सहित कई राज्य के सीएम ने दी बधाई?

भारत अधिक खबरें

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर