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तमिलनाडु: मेडिकल कॉलेज के छात्रों को 'चरक' शपथ दिलाने पर विवाद, डीन को पद से हटाया गया

By विनीत कुमार | Updated: May 2, 2022 08:52 IST

तमिलनाडु के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में छात्रों द्वारा संस्कृत के 'महर्षि चरक शपथ' लेने के विवाद के बाद कॉलेज के डीन डॉ ए रतिनवेल को पद से हटा दिया गया है।

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ठळक मुद्देतमिलनाडु के मदुरै में सरकारी मेडिकल कॉलेज का मामला, पहले वर्ष के छात्रों को दिलाई गई थी शपथ।मेडिकल छात्रों को पारंपरिक 'हिप्पोक्रेटिक' शपथ के बजाय संस्कृत के 'महर्षि चरक शपथ' दिलाए जाने पर विवाद। भाजपा ने मामले में आरोप लगाते हुए कहा है कि डीएमके को हमेशा पश्चिमी तरीकों से लगाव रहा है।

मदुरै: तमिलनाडु के मदुरै में सरकारी मेडिकल कॉलेज में पहले वर्ष के छात्रों को पारंपरिक 'हिप्पोक्रेटिक' शपथ की बजाय संस्कृत के 'महर्षि चरक शपथ' लेने की अनुमति देने के विवाद के बाद डीन को पद से हटा दिया गया है। साथ ही उन्हें 'प्रतीक्षा सूची' में रखा गया है। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मेडिकल छात्रों ने शनिवार को अपने इंडक्शन समारोह के दौरान संस्कृत शपथ 'चरक शपथ' का अंग्रेजी अनुवाद कर शपथ ली थी। वहीं, डीन ने दावा किया कि छात्रों ने खुद ही शपथ ली।

इस पूरे मामले भाजपा के नारायणन थिरुपति ने कहा कि डीन को हटाने का फैसला राजनीतिक कदम है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा, 'हिप्पोक्रेटिक शपथ एक पश्चिमी तरीका है। एनएमसी ने पुराने भारतीय चिकित्सा पद्धति (महर्षि चरक शपथ) की सिफारिश की। अनावश्यक राजनीति से बचा जाना चाहिए।'

थिरुपति ने कहा, 'केंद्र ने इसे वैकल्पिक बताया है। आपको डीन को सस्पेंड करने की क्या जरूरत है? डीएमके को हमेशा पश्चिमी मॉडल से लगाव रहा है।'

बहरहाल, राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि पूरे मामले में एक विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। इसलिए इसलिए मदुरै कॉलेज के डीन डॉ ए रतिनवेल को पद से हटा दिया गया है और उन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है।

चरक शपथ को लेकर क्या है विवाद?

राज्य सरकार के अनुसार डीन का ये दावा कि छात्रों ने खुद 'चरक शपथ' को चुना, ये स्वीकार्य नहीं है। सरकार ने कहा कि सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रमुखों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा हिप्पोक्रेटिक शपथ दिलाने के नियम का पालन करें। गौरतलब है कि हाल में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने सुझाव दिया था कि हिप्पोक्रेटिक शपथ के स्थान पर महर्षि चरक शपथ दिलाई जानी चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने संसद में कहा था कि महर्षि चरक शपथ वैकल्पिक होगी और चिकित्सा छात्रों के लिए बाध्यकारी नहीं होगी।

दरअसल चरक शपथ में कही कुछ बातों को लेकर विवाद रहा है। इसमें शपथ में कहा गया है कि छात्र जीवन के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है। इसके अलावा एक और निर्देश में कहा गया है कि महिलाओं का इलाज केवल ब्राह्मण/परिवार के पुरुष सदस्य की मौजूदगी में किया जाना चाहिए।

(भाषा इनपुट)

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