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नीता अंबानी ने बीएचयू में प्रोफेसर बनाए जाने की खबर को बताया फर्जी, छात्र कर रहे थे विरोध

By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 17, 2021 18:28 IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी ने मुंबई विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है और उन्हें वर्ष 2014 में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कार्यकारी निदेशक बनाया गया।

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ठळक मुद्देसाल 2010 में उन्होंने रिलायंस फाउंडेशन का गठन किया था। सफल महिला उद्यमी होने की छवि की वजह यह प्रस्ताव दिया गया है। बीएचयू का विजिटिंग प्रोफेसर बनाए जाने की खबरें आने के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया।

नई दिल्लीः रिलायंस इंडस्ट्रीज की कार्यकारी निदेशक और रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष नीता अंबानी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विजिटिंग प्रोफेसर बनने की रिपोर्ट को उनके प्रवक्ता ने फर्जी करार दिया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि नीता अंबानी को बीएचयू की ओर से विजिटिंग प्रोफेसर बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। प्रवक्ता ने कहा कि बीएचयू में विजिटिंग प्रोफेसर बनाई जाने की खबरें फर्जी हैं। नीता अंबानी को विश्वविद्यालय से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।

हाल ही में खबरें आईं थीं कि बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय की ओर से नीता अंबानी को विजिटिंग प्रोफेसर बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी ने मुंबई विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है और उन्हें वर्ष 2014 में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कार्यकारी निदेशक बनाया गया। साल 2010 में उन्होंने रिलायंस फाउंडेशन का गठन किया था। माना जा रहा था कि उनकी एक सफल महिला उद्यमी होने की छवि की वजह यह प्रस्ताव दिया गया है। 

छात्र कर रहे थे विरोधः नीता को बीएचयू का विजिटिंग प्रोफेसर बनाए जाने की खबरें आने के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। छात्रों ने कुलपति पर बीएचयू को उद्योगपतियों के इशारे पर चलाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

मौखिक तौर पर प्रस्ताव स्वीकारा वहीं, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा ने बताया था कि नीता अंबानी ने मौखिक तौर पर प्रस्ताव स्वीकारा भी है। वैसी भी मालवीय जी के समय से परंपरा रही है कि बीएचयू से बड़े उद्योगपतियों को जोड़ा गया है। उसी कड़ी में अंबानी को जोड़ने की कोशिश हो रही है। उनके जुड़ने से महिलाओं को रोजगार के कई साधन उपलब्ध होंगे।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में कुलपति राकेश भटनागर के आवास के बाहर 40 से अधिक छात्रों के एक समूह ने विरोध प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन सौंपा। हाल ही में, विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय ने रिलायंस फाउंडेशन को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें नीता अंबानी को उनके महिला अध्ययन केंद्र में विश्वविद्यालय के एक संकाय के रूप में शामिल होने के लिए कहा गया था।

टॅग्स :नीता अंबानीमुकेश अंबानीबनारस हिंदू विश्वविद्यालयवाराणसीउत्तर प्रदेशभारत सरकार
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