लाइव न्यूज़ :

पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद ने भरा अपना पर्चा, सुशील मोदी ने कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: April 27, 2019 04:50 IST

रविशंकर प्रसाद के नामांकन के पहले आयोजित जनसभा में सुशील मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। अमेठी-रायबरेली छोडकर केरल के वायनाड से चुनाव लड़ने और प्रियंका गांधी वाड्रा के वाराणसी से उम्मीदवार नहीं बनाये जाने को लेकर भी निशाना साधा।

Open in App

पटना साहिब लोकसभा सीट से एनडीए उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद ने आज अपना पर्चा भरा। इस मौके पर पटना के एसके मेमोरियल हॉल में योगगुरु रामदेव ने विजय तिलक के साथ रविशंकर प्रसाद को समर्थन दिया। रविशंकर प्रसाद के साथ भाजपा नेता सीपी ठाकुर और पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव भी मौजूद थे। रविशंकर प्रसाद ने जिलाधिकारी दफ्तर पहुंचकर अपना नामांकन का पर्चा दाखिल किया। मंत्री ने नामांकन के पहले रोड शो में हिस्सा लिया। उसके बाद पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 

वहीं, रविशंकर प्रसाद के नामांकन के पहले आयोजित जनसभा में सुशील मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। अमेठी-रायबरेली छोडकर केरल के वायनाड से चुनाव लड़ने और प्रियंका गांधी वाड्रा के वाराणसी से उम्मीदवार नहीं बनाये जाने को लेकर भी निशाना साधा। सुशील मोदी ने प्रियंका गांधी को कांग्रेसी नेताओं-कार्यकर्ताओं द्वारा ब्रह्मास्त्र बताये जाने को लेकर भी चुटकी ली। सुशील मोदी ने बिना किसी का नाम लिये कहा कि नरेंद्र मोदी के डर से ग्रूप कमांडर मैदान छोड कर भाग खडी हुईं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नामांकन के दौरान कांग्रेस के लोगों ने जो भीड देखी, लहर देखी। नरेंद्र मोदी का वाराणसी में जो रोड शो हुआ, उसमें सात लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। कांग्रेस का पसीना छूट गया। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है, तो नामांकन का अभी एक दिन बचा है, नरेंद्र मोदी के सामने 'प्रत्याशी' को खडा करो। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा को अपनी लोकप्रियता पर अभिमान है, तो मैदान छोड कर क्यों चली गईं? अगर हिम्मत है, तो चुनावी मैदान में आ जाओ। पता चल जायेगा कि कौन कितने पानी में है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो कहते हैं कि वो (प्रियंका गांधी वाड्रा) ब्रह्मास्त्र है। ब्रह्मास्त्र उसे कहा जाता है कि एक बार छोड दिया तो वह दुश्मन के निशाने पर वार करके लौटता नहीं है। यह कांग्रेस का ऐसा ब्रह्मास्त्र था कि निकलने के बाद फुस्स कर गया। 

वहीं, राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह स्मृति ईरानी से इतना डर गये कि चुनाव लडने के लिए वायनाड चले गये। रायबरेली और अमेठी की जनता ने 40 सालों से गांधी-नेहरू परिवार को जीता कर भेजने का काम किया, लेकिन कितना काम हुआ, देख सकते हैं। नरेंद्र मोदी पांच साल से वाराणसी से सांसद है, वहां देखिए अमेठी-रायबरेली में कांग्रेस ने 40 सालों में जो नहीं कर पाया, नरेंद्र मोदी ने पांच सालों में उसका तीन गुना काम किया है। इसीलिए चुनाव लडने के लिए राहुल गांधी केरल के वायनाड चले गये। रविशंकर प्रसाद ने भरा नामांकनइस मौके पर पाटलिपुत्र से एनडीए उम्मीदवार रामकृपाल यादव, वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर, विधायक अरुण कुमार सिन्हा, संजीव चौरसिया, नितिन नवीन और पटना की महापौर सीता साहू भी मौजूद रहीं।

टॅग्स :लोकसभा चुनावरविशंकर प्रसादभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
Open in App

संबंधित खबरें

भारतDelhi Fire Accident: बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद के आवास पर लगी आग, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम

भारतबिहार चुनाव 2025: रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर बोला तीखा हमला, कहा- वह देश के लोकतंत्र को धोखा दे रहे हैं

भारतराहुल गांधी संविधान समझते हैं? सुप्रीम कोर्ट गए ना?, भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा- कांग्रेस नेता को वोट नहीं मिलता तो हम क्या करें?

भारतBihar Elections 2025: रविशंकर प्रसाद से मतदाता अधिकार यात्रा पर बोला जमकर हमला, कहा- महागठबंधन के लोग चुनाव जीते तो चुनाव आयोग ठीक, हार गए तो खराब, यही है दोहरा चरित्र

भारतजर्मनी के साथ मिलकर आतंकवाद और आर्थिक विकास पर काम करें, विदेश मंत्री जोहान वेडफुल से मिले भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद

भारत अधिक खबरें

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब