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प्रियंका चतुर्वेदी ने महिला पहलवानों के विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा, बोलीं- "काश पीएम 'नारी सम्मान' के अपने शब्दों पर खरे उतरते"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: May 31, 2023 13:42 IST

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने महिला पहलवानों के मुद्दे पर सरकार की 'चुप्पी' की का विरोध करते हुए पहलवानों के खिलाफ की गई पुलिसिया एक्शन को 'शर्मनाक' करार दिया।

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ठळक मुद्देसांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रदर्शनकारी पहलवानों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर घेरा पीएम मोदी कोकाश भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सम्मान के बारे में अपने शब्दों पर कायम होतेयूडब्ल्यूडब्ल्यू ने दिल्ली पुलिस द्वारा पहलवानों के साथ की गई हाथापाई का बेहद कड़ा विरोध किया है

मुंबई: शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रदर्शनकारी पहलवानों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर भाजपा नीत केंद्र और दिल्ली पुलिस की आलोचना की है। चतुर्वेदी ने मंगलवार को कहा कि इस मुद्दे पर सरकार की 'चुप्पी' की अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती निकाय यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने निंदा की और विरोध करने वाले पहलवानों के खिलाफ कार्रवाई को 'शर्मनाक' करार दिया।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "यह शर्म की बात है कि भारत सरकार और दिल्ली पुलिस ने खुद को बुलाया। काश खेल मंत्रालय और महिला मंत्रालय ने अपनी राजनीति के बजाय सही काम करने के लिए खड़े होने की रीढ़ दिखाई होती। काश भारत के पीएम अपने शब्दों पर कायम होते।"

उन्होंने सरकार की चुप्पी पर निशाना साधते हुए कहा, "नारी सम्मान और उनके विरोध प्रदर्शनों पर आंख मूंदने के बजाय पीएम मोदी को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने भी इसी को देखते हुए बयान जारी किया है।" यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने दिल्ली पुलिस के साथ हाथापाई के बाद प्रदर्शनकारी पहलवानों के साथ किए गए व्यवहार और उन्हें हिरासत में लिए जाने की निंदा की और कहा कि वह पहलवानों के साथ उनकी स्थिति और सुरक्षा के बारे में पूछताछ करने के लिए बैठक करेगी।

यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने कहा कि वह भारतीय ओलंपिक संघ और उसके द्वारा कुश्ती के लिए नियुक्त तदर्थ निकाय से अगले शासी निकाय के लिए चुनाव कराने की अपनी योजनाओं के बारे में और जानकारी मांगेगा। खेल के अंतरराष्ट्रीय शासी निकाय ने इसके साथ यह भी कहा कि अगर 45 दिनों की समय सीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं होती तो वह रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया को निलंबित कर देगा।

मालूम हो कि कई ओलंपिक पदक विजेता पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने बीते रविवार को जंतर-मंतर पर के विरोध स्थल से जबरन हटा दिया गया था, जब उन्होंने नए संसद भवन भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की। वहीं मंगलवार की शाम में पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगट और बजरंग पुनिया सहित कई आंदोलनकारी पहलवानों ने भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख और बालियान खाप के प्रमुख नरेश टिकैत को हरिद्वारा में अपना पदक सौंप दिया, जिसे वो गंगा में डालने जा रहे थे।

ये सभी पहलवान रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और साथ ही उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं। पहलवानों के साथ टिकैत ने अब सरकार को अपनी मांगों को हल करने के लिए पांच दिन का समय दिया है, जिसमें विफल रहने पर पहलवान अपने पदकों को गंगा में डुबाने के अपने फैसले पर आगे बढ़ेंगे।

टॅग्स :प्रियंका चतुर्वेदीशिव सेनाBJPविनेश फोगाटबजरंग पूनिया
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