लाइव न्यूज़ :

अब अयोध्या में 'शौर्य दिवस' नहीं, कोर्ट से मंदिर निर्माण का रास्ता साफ, अब 'खुशी और गम' का कोई औचित्य नहींः दास

By भाषा | Updated: November 30, 2019 13:55 IST

महंत दास ने यहां एक बयान में कहा कि नौ नवंबर को देश की सबसे बड़ी अदालत ने श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। ऐसे मे छह दिसम्बर को "खुशी और गम" जैसे कार्यक्रमों का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

Open in App
ठळक मुद्देआगामी छह दिसम्बर को भी हम किसी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन कर तनाव का माहौल न बनने दें।विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि उनका संगठन भी अब छह दिसम्बर को 'शौर्य दिवस' नहीं मनाएगा।

राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने अयोध्या में छह दिसम्बर को विवादित ढांचा विध्वंस की बरसी पर इस साल से 'शौर्य दिवस' नहीं मनाने की अपील करते हुए कहा कि अदालत से मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद अब 'खुशी और गम' जैसे कार्यक्रमों का कोई औचित्य नहीं है।

महंत दास ने यहां एक बयान में कहा कि नौ नवंबर को देश की सबसे बड़ी अदालत ने श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। ऐसे मे छह दिसम्बर को "खुशी और गम" जैसे कार्यक्रमों का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले के दौरान जिस प्रकार सभी देशवासियों ने एक साथ मिलकर सम्पूर्ण विश्व को शान्ति और आपसी समन्वय का संदेश दिया, ठीक उसी तरह आगामी छह दिसम्बर को भी हम किसी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन कर तनाव का माहौल न बनने दें।

महंत ने कहा कि वर्ष 1528 की क्रिया में छह दिसंबर 1992 को प्रतिक्रिया हुई थी। अब दोनों तिथियों पर हुए घटनाक्रमों की पुनरावृत्ति राष्ट्र और समाजहित में नहीं होनी चाहिए। इस बीच, विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि उनका संगठन भी अब छह दिसम्बर को 'शौर्य दिवस' नहीं मनाएगा।

मालूम हो कि छह दिसम्बर 1992 को विवादित ढांचा ढहाये जाने के बाद से विश्व हिन्दू परिषद समेत कई हिन्दू संगठन हर साल इस दिन 'शौर्य दिवस' मनाते रहे हैं। वहीं, मुस्लिम संगठन इसे 'यौम—ए—गम' के तौर पर याद करते हैं।

महंत दास ने कहा मंदिर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली शिलाओं की नक्काशी के काम को जल्द ही तेज किया जायेगा। ‘‘फिलहाल हमारा ध्यान अभी न्यायालय द्वारा केन्द्र सरकार को दिये गए निर्देशों पर केन्द्रित है।’’ उन्होंने कहा कि अयोध्या के संत धर्माचार्यों मे ट्रस्ट संबंधित न्यायालय के निर्देश को लेकर किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।

वर्तमान सरकार पर सभी को भरोसा है। सभी संत भगवान श्रीराम लला को भव्य मंदिर में विराजमान कराने के लिये एकजुट हैं। 

टॅग्स :अयोध्याउत्तर प्रदेशअयोध्या फ़ैसलासुप्रीम कोर्टबाबरी मस्जिद विवाद
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टTwisha Sharma Death Case: 10000 रुपये इनाम की घोषणा, फरार वकील-पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया जारी, वीडियो

क्राइम अलर्टमां का कटा हाथ लेकर 3 दिन तक भटकता रहा ITBP जवान, कानपुर की घटना से सनसनी

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

क्राइम अलर्टTwisha Sharma death case: 60 दिन की गर्भवती और मारिजुआना का सेवन?, ट्विशा शर्मा की सास ने कहा-ग्लैमर की दुनिया में धकेली गई और माता-पिता ने छोड़ दी?

क्राइम अलर्टउत्तर प्रदेश में वैन और ट्रक की भीषण टक्कर में 10 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज