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मणिपुरः हिंसाग्रस्त इलाके को छोड़कर भागते दिखे लोग, तैनात की गई सेना; 4 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, इंटरनेट बंद, आठ जिलों में कर्फ्यू

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 4, 2023 10:48 IST

सेना के एक प्रवकात ने बताया कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। रात में सेना और असम राइफल्स की मांग की गई थी और राज्य पुलिस के साथ बलों ने सुबह तक हिंसा पर नियंत्रण पा लिया।

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ठळक मुद्देहिंसा के बाद मणिपुर में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं है।राज्य के आठ जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।हिंसा वाले क्षेत्र में गुरुवार सेना ने फ्लैग मार्च किया।

इंफालः मणिपुर में आदिवासियों के आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद कई इलाकों में तनाव की स्थिति है। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें हिंसा प्रभावित क्षेत्र से लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है। पीड़ित लोगों के चेहरे पर भय को साफ-साफ देखा जा सकता है। इस बीच स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना और असम राइफल्स को तैनात किया गया है।

सेना के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि अब तक 4,000 लोगों को सुरक्षाबलों ने हिंसा प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि और भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।प्रवक्ता ने बताया कि रात में सेना और असम राइफल्स की मांग की गई थी और राज्य पुलिस के साथ बलों ने सुबह तक हिंसा पर नियंत्रण पा लिया।

प्रवक्ता ने आगे बताया, स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फ्लैग मार्च किया जा रहा है। इंफाल घाटी में वर्चस्व रखने वाले गैर-आदिवासी मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर चुराचांदपुर जिले के तोरबंग इलाके में ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर’ (एटीएसयूएम) द्वारा बुलाए गए ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के दौरान बुधवार को हिंसा भड़क गई।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मार्च में हजारों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया, जिसके दौरान आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच झड़पें हुईं। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई बार आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने बताया कि उत्तेजित युवकों को इंफाल पश्चिम जिले के कांचीपुर और घाटी में पूर्वी इंफाल के सोइबाम लीकाई इलाकों में इकट्ठा होते देखा गया।

उन्होंने बताया कि स्थिति को देखते हुए गैर-आदिवासी बहुल इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम और विष्णुपुर जिलों तथा आदिवासी बहुल चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया। अधिकारी ने बताया कि पूरे राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पांच दिन के लिए निलंबित कर दी गईं हैं। 

भाषा इनपुट के साथ

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