लाइव न्यूज़ :

CAB पारित होने पर महाराष्ट्र के IPS अधिकारी अब्दुर्रहमान ने इस्तीफा देने का किया फैसला, कहा- गुरुवार से नहीं जाऊंगा ऑफिस

By भाषा | Updated: December 11, 2019 23:25 IST

Citizenship Amendment Bill: अब्दुर्रहमान ने कहा, "यह विधेयक भारत के धार्मिक बहुलवाद के खिलाफ है। मैं सभी न्यायप्रिय लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे लोकतांत्रिक तरीके से विधेयक का विरोध करें। यह संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है।" 

Open in App
ठळक मुद्देमहाराष्ट्र कैडर के एक आईपीएस अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने "सांप्रदायिक और असंवैधानिक" नागरिकता (संशोधन) विधेयक" के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए सेवा से इस्तीफा देने का फैसला किया है। मुंबई में विशेष पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के रूप में तैनात अब्दुर्रहमान ने बयान जारी कर कहा कि वह बृहस्पतिवार से कार्यालय नहीं जाएंगे।

महाराष्ट्र कैडर के एक आईपीएस अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने "सांप्रदायिक और असंवैधानिक" नागरिकता (संशोधन) विधेयक" के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए सेवा से इस्तीफा देने का फैसला किया है। मुंबई में विशेष पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के रूप में तैनात अब्दुर्रहमान ने बयान जारी कर कहा कि वह बृहस्पतिवार से कार्यालय नहीं जाएंगे।

अब्दुर्रहमान ने कहा, "यह विधेयक भारत के धार्मिक बहुलवाद के खिलाफ है। मैं सभी न्यायप्रिय लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे लोकतांत्रिक तरीके से विधेयक का विरोध करें। यह संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है।" 

गौरतलब है कि संसद ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। राज्यसभा ने बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित कर दिया। सदन ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने के विपक्ष के प्रस्ताव और संशोधनों को खारिज कर दिया।विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत के मुसलमान भारतीय नागरिक थे, हैं और बने रहेंगे।उन्होंने कहा कि उन तीनों देशों में अल्पसंख्यकों की आबादी में खासी कमी आयी है। शाह ने कहा कि विधेयक में उत्पीड़न का शिकार हुए अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। शाह ने इस विधेयक के मकसदों को लेकर वोट बैंक की राजनीति के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए देश को आश्वस्त किया कि यह प्रस्तावित कानून बंगाल सहित पूरे देश में लागू होगा।उन्होंने इस विधेयक के संविधान विरूद्ध होने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संसद को इस प्रकार का कानून बनाने का अधिकार स्वयं संविधान में दिया गया है। उन्होंने यह भी उम्मीद जतायी कि यह प्रस्तावित कानून न्यायालय में न्यायिक समीक्षा में सही ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि वे भारत के नागरिक हैं और बने रहेंगे।

टॅग्स :नागरिकता संशोधन बिल 2019महाराष्ट्र
Open in App

संबंधित खबरें

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

क्राइम अलर्ट2 क्रेडिट सोसायटी, 132 खाते, ₹62.74 करोड़ लेन-देन?, 'धर्मगुरु' ने कैसे दौलत बनाई?

क्राइम अलर्ट2022 में 37 वर्षीय विकास रामदास दिवाटे ने की थी आत्महत्या, सुसाइड नोट में अशोक खरात का जिक्र, स्वयंभू धर्मगुरु को लेकर खुल रहे राज

क्राइम अलर्टचंदोली गांवः महिलाओं से यौन संबंध और छेड़छाड़?, शिवदत्ता आश्रम 'महाराज' नवनाथ गावली के खिलाफ मामला

क्राइम अलर्ट8 महिला श्रमिकों की मौत, नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक-टेम्पो में टक्कर

भारत अधिक खबरें

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप