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महाराष्ट्र: नाना पटोले बने विधानसभा अध्यक्ष, देवेंद्र फड़नवीस ने बताया क्यों लिया किशन कथोरे का नाम वापस 

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 1, 2019 11:59 IST

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी सरकार ने शनिवार को राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया।

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ठळक मुद्देपटोले विदर्भ में साकोली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि कथोरे ठाणे में मुरबाड से विधायक हैं। यह दोनों का विधायक के तौर पर चौथा कार्यकाल है।

कांग्रेस नेता नाना पटोले का महाराष्ट्र विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। इससे पहले भाजपा उम्मीदवार किशन कथोरे ने रविवार को अपना नामांकन वापस ले लिया है। नामांकन वापस लेने की वजह बताते हुए विधानसभा में देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि हमने विधानसभा स्पीकर के पद के लिए किशन कथोरे को नामित किया था, लेकिन सर्वदलीय बैठक में अन्य दलों ने हमसे अनुरोध किया और यह परंपरा रही है कि स्पीकर को निर्विरोध नियुक्त किया जाता है तो हमने अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया। 

बताते चलें कि नामांकन वापस लेने की समयसीमा रविवार को सुबह दस बजे तक थी। कांग्रेस ने राज्य विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए सत्तारूढ़ शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर पार्टी विधायक पटोले के नाम का शनिवार को एलान किया जबकि भाजपा ने कथोरे को अपना प्रत्याशी बनाया था।

वहीं, सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि नाना पटोले भी एक किसान परिवार से आते हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि वह सभी को न्याय दिलाएंगे। 

इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष चुनाव पर एनसीपी ने छगन भूजबल ने कहा कि इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए विपक्ष ने भी फार्म भरा था, लेकिन अन्य विधायकों के अनुरोध और विधानसभा की गरिमा को बनाए रखने के लिए, उन्होंने नाम वापस ले लिया। अब अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध होना है।

चंद्रकांत पाटिल, महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने कल महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए किशन कठोरे को नामित किया था। लेकिन,अनुरोध के बाद, हमने कथोरे की उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला किया है।

पटोले विदर्भ में साकोली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि कथोरे ठाणे में मुरबाड से विधायक हैं। यह दोनों का विधायक के तौर पर चौथा कार्यकाल है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी सरकार ने शनिवार को राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। कुल 288 सदस्यों वाले सदन में मतदान से पहले भाजपा के 105 विधायकों के बहिर्गमन करने के बाद कुल 169 विधायकों ने विश्वास मत के पक्ष में वोट दिया। 

टॅग्स :महाराष्ट्रदेवेंद्र फड़नवीसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)उद्धव ठाकरे सरकार
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