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महाराष्ट्र: दूरदर्शन ने कैबिनेट बैठक से पहले ही सार्वजनिक कर दी थी राज्यपाल की राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

By हरीश गुप्ता | Updated: November 13, 2019 08:01 IST

Maharashtra: महाराष्ट्र में मंगलवार को राज्यपाल की सिफारिश पर राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया, दूरदर्शन ने इस खबर को कैबिनेट बैठक से पहले ही ब्रेक कर दिया था

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ठळक मुद्देराज्यपाल भगत सिंह कोश्यरी ने की थी राष्ट्रपति शासन की मा्ंगराज्यपाल की सिफारिश के बाद महाराष्ट्र में लगा राष्ट्रपतिश शासन

हरीश गुप्ता नई दिल्ली। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की खबर सबसे पहले सरकार के नियंत्रण वाले 'दूरदर्शन' ने दी। केंद्र सरकार की टीवी इकाई प्रसार भारती समाचार सेवा ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की दोपहर में बैठक होने से पहले ही 1.49 बजे यह खबर ब्रेक की। 

महाराष्ट्र संकट में सभी मर्यादाएं टूट गईं क्योंकि राज्यपाल ने सरकार बनाने की संभावना तलाशने के लिए राकांपा को मंगलवार रात 8.30 बजे तक का समय दिया था। 

एनसीपी को दी समयसीमा से पहले ही की गई राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

हर कोई आश्चर्यचकित है कि उन्होंने दोपहर 12.30 बजे राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कैसे कर दी जबकि राकांपा को रात 8.30 बजे तक का समय दिया गया था। मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करने का फैसला किया गया, जो गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के मौके पर कपूरथला में आयोजित गुरु पर्व में शिरकत कर रहे थे।

 यह भी खुलासा किया गया कि राज्यपाल ने केंद्र को राज्य की राजनीतिक घटनाओं का विवरण देने के लिए 18 पेज का नोट लिखा और राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की क्योंकि राकांपा ने दो दिन अतिरिक्त समय की मांग की है। हैरानी की बात है कि करीब उसी वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने भी इस बात की कोई जानकारी नहीं दी कि पार्टी ने दो दिन का समय मांगा है। 

शरद पवार की राकांपा ने मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे राज्यपाल को पत्र लिखकर राज्य में सरकार बनाने के लिए और 48 घंटे का समय मांगा था। कोश्यारी ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया क्योंकि शिवसेना के मामले में भी ऐसा ही किया था।

कांग्रेस को नहीं दिया कोई मौका 

राज्यपाल ने सरकार बनाने की संभावना तलाशने वाली चौथी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को कोई मौका नहीं दिया। इससे पहले सोमवार को राज्यपाल ने बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए शिवसेना की अतिरिक्त तीन दिन की मांग खारिज कर दी थी।

सोमवार को राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए शिवसेना की 3 दिन की मांग खारिज कर दी थी। गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्यपाल का मानना था कि विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के 15 दिन बाद भी कोई पार्टी सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'ऐसे में राष्ट्रपति शासन ही बेहतर विकल्प है।' 

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