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Maharashtra Crisis: नई दिल्ली से लौटने के बाद राज्यपाल कोश्यारी से मिले फड़नवीस, गवर्नर को पत्र सौंपा

By सतीश कुमार सिंह | Updated: June 28, 2022 22:52 IST

Maharashtra Crisis: महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार संकट का सामना कर रही है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में उसके कई विधायकों ने विद्रोह कर दिया है और वर्तमान में गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं।

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ठळक मुद्दे11 जुलाई तक फैसला लेने पर रोक लगा दी।एमवीए सरकार में शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा शामिल हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए की सरकार आखिरी सांसें ले रही है।

Maharashtra Crisis: भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने नई दिल्ली से लौटने के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुंबई के राजभवन में मुलाकात की। बीजेपी नेता ने कहा कि हमने महाराष्ट्र के राज्यपाल को एक पत्र दिया है, जिसमें तत्काल फ्लोर टेस्ट की मांग की गई है।

देवेंद्र ने कहा कि हमने राज्यपाल कोश्यारी से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहने का अनुरोध किया है। महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच फड़नवीस ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की।

माना जा रहा है कि फड़नवीस ने दोनों नेताओं को महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रमों से अवगत कराया और राज्य में पार्टी की भावी रणनीति से जुड़े विभिन्न पहुलओं पर चर्चा की। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, फडणवीस ने भाजपा सांसद और वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी के साथ शाह से मुलाकात की।

फड़नवीस की भाजपा के शीर्ष नेताओं से यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बागी नेता शिंदे ने दावा किया कि गुवाहाटी में उनके साथ 50 विधायक हैं और वे स्वेच्छा से तथा ‘‘हिंदुत्व’’ की राजनीति को आगे ले जाने के लिए यहां पहुंचे हैं।

माना जा रहा है कि फड़नवीस ओर जेठमलानी ने शाह के साथ शिवसेना के बागी विधायकों और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ सरकार बनाने के विकल्पों और इससे संबंधित कानूनी पहलुओं पर चर्चा की। शाह से मुलाकात के बाद फड़नवीस ने पार्टी अध्यक्ष नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की और उनसे भी राज्य के राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा की।

ज्ञात हो कि शिवसेना के इस विद्रोह को उसका आंतरिक मामला बताकर भाजपा ने इससे दूरी बना रखी है लेकिन उसके नेताओं ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि पार्टी की रणनीति ‘‘स्थिति पर नजर रखने’’ की है। शिवसेना खेमे में विद्रोह के बाद फड़नवीस बेहद सक्रिय देखे जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अगर एमवीए सरकार अल्पमत में आती है तो भाजपा, शिवसेना के बागियों के साथ सरकार बना सकती है।

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