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बिहार में जदयू के अंदर नही है 'आल इज वेल', प्रशांत किशोर छोड़ सकते हैं पार्टी

By एस पी सिन्हा | Updated: March 30, 2019 06:45 IST

जानकारों के अनुसार प्रशांत किशोर को लेकर जदयू मे सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. माना जा रहा है कि अचानक से पार्टी में नंबर की दो की भूमिका में आ गए प्रशांत किशोर से पार्टी के नेता ही खुश नहीं है'.

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ठळक मुद्देनीतीश कुमार यह भी कह चुके हैं कि प्रशांत किशोर को उन्होंने अमित शाह के कहने पर शामिल किया है. कभी भी पार्टी को अलविदा कह सकते हैं. उनके एक ट्वीट से राजनीतिक गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म है.

बिहार में सत्तारूढ़ दल जदयू में उथल-पुथल की स्थिती है. जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पार्टी में खुद को अलग थलग किए जाने को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की है. चर्चा है कि कभी भी पार्टी को अलविदा कह सकते हैं. उनके एक ट्वीट से राजनीतिक गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म है. 

प्रशांत किशोर ने किया ट्वीट 

उन्होंने एक तरह से अपना दर्द जाहिर करते हुए लिखा है 'बिहार में एनडीए माननीय मोदी जी एवं नीतीश जी के नेतृत्व में मजबूती से चुनाव लड़ रहा है. प्रशांत का ट्वीट जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह के खिलाफ ‘राजनीतिक तंज’ के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि पार्टी में मेरी भूमिका सीखने और सहयोगी की है. प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा है 'बिहार में एनडीए माननीय मोदी जी एवं नीतीश जी के नेतृत्व में मजबूती से चुनाव लड़ रहा है. 

जदयू की ओर से चुनाव-प्रचार एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्‍ठ और अनुभवी नेता आरसीपी सिंह जी के मजबूत कंधों पर है. राजनीति के इस शुरुआती दौर में मेरी भूमिका सीखने और सहयोग की है. उल्लेखनीय है कि जदयू की ओर से चुनाव-प्रचार एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी पार्टी के वरीय एवं अनुभवी नेता आरसीपी सिंह जी के मजबूत कंधों पर है. 

 

नीतीश कुमार बता चुके हैं भविष्य 

जानकारों के अनुसार प्रशांत किशोर को लेकर जदयू मे सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. माना जा रहा है कि अचानक से पार्टी में नंबर की दो की भूमिका में आ गए प्रशांत किशोर से पार्टी के नेता ही खुश नहीं है'. हालांकि नीतीश कुमार यह जरूर कहते रहे हैं कि वह भविष्य हैं. लेकिन जब बड़ी जिम्मेदारी की बात आती है तो बिहार के मुख्यमंत्री ने उन पर कम ही विश्वास जताया है. यूथ विंग के अलावा प्रशांत किशोर को पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई. 

यहां तक गठबंधन और सीट समझौते को लेकर भी जिम्मेदारी आरसीपी सिंह और ललन सिंह को दी गई. इससे पहले नीतीश कुमार यह भी कह चुके हैं प्रशांत किशोर को उन्होंने अमित शाह के कहने पर शामिल किया है. 

वहीं प्रशांत किशोर भी एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि नीतीश को अब नया जनादेश देकर लेकर आना चाहिए. उनके इस बयान पर पार्टी के अंदर काफी आलोचना हुई थी. वहीं इस खबर पर तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा है कि दिल्ली तक इन बातों की जानकारी हो गई है. 

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