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जिग्नेश मेवाणी को कोर्ट से मिली 6 महीने जेल की सजा, गुजरात चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा भारी धक्का

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: September 16, 2022 21:24 IST

कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी को अहमदाबाद के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पीएन गोस्वामी ने साल 2016 के एक हिंसा के मामले में 6 महीने की कारावास की सजा सुनाई है। मेवाणी को मिले इस सजा के कारण गुजरात कांग्रेस में भारी हलचल मची हुई है।

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ठळक मुद्देजिग्नेश मेवाणी को अहमदाबाद की कोर्ट ने साल 2016 के मामले में 6 महीने कैद की सजा सुनाईमेवाणी को मिले इस सजा से गुजरात चुनाव में उतरी कांग्रेस को भारी धक्का लगा है मेवाणी सहित 19 अन्य को 2016 में गुजरात विश्वविद्यालय के थाने में पंजीकृत केस में सजा मिली है

अहमदाबाद:गुजरात चुनाव से पहले कांग्रेस को उस समय भारी धक्का पहुंचा जब अहमदाबाद की एक अदालत ने पार्टी के युवा नेता और कार्यकारी प्रदेश प्रमुख जिग्नेश मेवाणी सहित 19 अन्य को साल 2016 में गुजरात विश्वविद्यालय के थाने में पंजीकृत केस में फैसला देते हुए छह महीने जेल की सजा सुना दी।

शुक्रवार को अहमदाबाद अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पीएन गोस्वामी द्वारा मेवाणी को सुनाई गई इस सजा के कारण गुजरात कांग्रेस में भारी हलचल मची हुई है। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने उन्हें आईपीसी की तीन अलग-अलग धाराओं के तहत तीन अलग-अलग सजा सुनाते हुए छह महीने की जेल और साथ में 500 रुपये और 100 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

लेकिन मामले में राहत की बात यह है कि मजिस्ट्रेट पीएन गोस्वामी ने अपने आदेश में सजा के साथ कारावास के सक्रिय भाग पर रोक लगा दी है, ताकि दोषी जिग्नेश मेवाणी सहित अन्य फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दायर कर सकें।

मालूम हो कि साल 2016 में जिग्नेश मेवाणी सहित अन्य ने गुजरात विश्वविद्यालय के कानून विभाग के भवन का नाम डॉक्टर बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के नाम पर रखने के लिए भारी विरोध प्रदर्शन किया था। उस दौरान आंदोलन तीव्र हो गया और हिंसक विरोध के दौरान कथित तौर दोषियों ने परिसर में तोड़फोड़ की थी।

मौके पर मौजूद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए सभी आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें फौरी तौर पर जमानत मिल गई थी। अहमदाबाद पुलिस ने मामले में मेवाणी सहित अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 143 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र होना) और 147 (दंगा) और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। 

साल 2016 से ही इस मामले की सुनवाई चल रही थी, जिसमें सुनवाई के दौरान पुलिस चार्जशीट में दर्ज एक आरोपी की मौत भी हो गई थी। वहीं जिग्नेश मेवाणी ने साल 2017 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर जीत दर्ज की और बाद में कांग्रेस पार्टी से जुड़ गये थे।

आगामी कुछ महीने में एक बार फिर गुजरात विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और चुनाव से पहले कांग्रेस को हार्दिक पटेल के तौर पर एक भारी झटका लग चुका है, जब पटेल कांग्रेस द्वारा पाटीदारों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए भाजपा में शामिल हो गये थे। वहीं अब अहमदाबाद की कोर्ट से जिग्नेश मेवाणी को मिले 6 महीने कारावास की सजा से मिले झटके को पार्टी द्वारा सहन करना आसान नहीं होगा। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

टॅग्स :जिग्नेश मेवानीअहमदाबादगुजरातकांग्रेसहार्दिक पटेल
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