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Jammu Kashmir: पुलवामा में जैश सरगना मसूद अजहर के रिश्तेदार टॉप कमांडर समेत तीन आतंकी ढेर, एक जवान जख्मी

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: June 3, 2020 16:37 IST

इसी आतंकी ने 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए भीषण बम विस्फोट के लिए कार बम तैयार किया था। 5 घंटों तक चली इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया है।

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ठळक मुद्दे14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जिस कार ने हमला किया था उसमें आईईडी इस्माइल ने ही फिट की थी। इस्माइल की मौत सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है।

जम्मू: सुरक्षाबलों ने पुलवामा में आज हुई एक मुठभेड़ में जैश ए मुहम्मद के एक टाप कमांडर समेत तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। यह टाप कमांडर जैश के सरगना मसूद अजहर का रिश्तेदार बताया जाता है। इसी आतंकी ने 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए भीषण बम विस्फोट के लिए कार बम तैयार किया था। 5 घंटों तक चली इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया है।

मारे गए तीन आतंकियों में से एक की पहचान इकरम उर्फ फौजी भाई के तौर पर की गई है। वह जैश का आईईडर एक्पर्ट बताया जाता है तथा वह जैश के सरगना मसूद अजहर का रिश्तेदार बताया जाता है। मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों में से फौजी भाई उर्फ इस्माइल मसूद अजहर का रिश्तेदार और आईईडी विशेषज्ञ था।

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जिस कार ने हमला किया था उसमें आईईडी इस्माइल ने ही फिट की थी। इस हमने सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। पिछले महीने पुलवामा में आईईडी से भरी जो कार ब्लास्ट हुई थी उसके पीछे भी इस्माइल का ही हाथ था। इस्माइल की मौत सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है।

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने पत्रकारों को बताया कि बुधवार को सुबह पुलवामा जिले के कंगन इलाके के अस्तान मुहल्ले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ उस समय शुरू हुई थी जब सुरक्षाबलों ने संयुक्त तौर पर आतंकियों की मौजूदगी की खबर मिलने के बाद तलाशी अभियान छेड़ा था।

उन्होंने बताया कि मारे गए तीनों आतंकी जैश के हैं पर अभी उनकी पहचान नहीं हो पाई है। मुठभेड़स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया गया है। फिलहाल मुठभेड़ खत्म हो गई हे लेकिन तलाशी अभियान जारी है।

इस बीच अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में एक जवान भी जख्मी हुआ है। इस मुठभेड़ में सेना की 55 आरआर तथा केरिपुब की 183 बटालियन के साथ ही पुलिस भी शामिल थी।

हालांकि मुठभेड़ की खबर मिलते ही पत्थरबाज भी मुठभेड़स्थल पर एकत्र हो गए थे और पुलिस को उनसे निपटने में मुश्किल इसलिए पेश आ रही थी क्योंकि वे बड़ी संख्या में थे। जबकि पुलिस बार बार लोगों से अपील कर रही थी कि वे मुठभेड़स्थल से दूर रहें क्योंकि अक्सर देखा गया है कि मुठभेड़स्थलों पर अनफूटे बमों और हथगोलों के कारण आम नागरिकों को क्षति उठानी पड़ी है। 

टॅग्स :जम्मू कश्मीरआतंकी हमलाआतंकवादी
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