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जम्मू-कश्मीर: कोरोना और आतंकी खतरे के बीच गणतंत्र दिवस, जानिए कैसी है इस बार तैयारी

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: January 19, 2022 14:05 IST

जम्मू पुलिस ने सुरक्षा लिहाज से शहर और उसके बाहरी क्षेत्रों को विभाजित कर पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों की तैनाती की है। सूत्रों के अनुसार सबसे अधिक खतरा लश्करे-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन से है।

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जम्मू: कोरोना महामारी और आतंकी खतरे के बीच प्रशासन ने गणतंत्र दिवस समारोह में भारी संख्या में लोगों के शिरकत करने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि उन्हें बस सुरक्षा जांच में पुलिस का सहयोग करना होगा। हालांकि अपनी विज्ञप्ति में प्रशासन ने कोरोना को लेकर कोई बात नहीं कही है।

सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि समारोह में आने वाले लोग अपने साथ किसी प्रकार का घातक हथियार, तेजधार हथियार, हैंड बैग, पालीथिन बैग, रेडियो, खिलौने, स्टाप वाच, ज्वलनशील पदार्थ जैसे सिगरेट, माचिस, लाइटर, कैमरा लेकर न आएं।

बताया गया है कि समारोह में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की प्रवेश द्वार पर जांच होगी, ताकि वहां आने वाले लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। लोग कतार में स्टेडियम के भीतर प्रवेश करेंगे। सबसे पहले उन्हें मेटल डिटेक्टर लगे गेट से गुजरना होगा। समारोह के शुरू होने से पूर्व ही लोग स्टेडियम में पहुंच जाएं, ताकि बैठने की व्यवस्था ठीक प्रकार से हो पाए।

सुरक्षा बलों की बड़ी संख्या में तैनाती

दरअसल पुलिस गणतंत्र दिवस को शांति पूर्वक ढंग से मनाने के लिए कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ रही है। जम्मू पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर और उसके बाहरी क्षेत्रों को सुरक्षा के लिहाज से विभाजित कर वहां पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। 

विशेष रूप से मुख्य समारोह स्थल और इसके आसपास के क्षेत्रों की जांच चल रही है। पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से आतंकियों द्वारा घुसपैठ की आशंका के बारे में खुफिया सूचनाएं मिली हैं। जिसके चलते बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के साथ मिलकर आतंकियों के नापाक इरादे को विफल बनाने के लिए रणनीति बनाई जा रही हैं।

आतंकियों के मंसूबों को भांपते हुए वादी में अल्पसंख्यकों की बस्तियों की सुरक्षा की समीक्षा कर उसमें व्यापक सुधार लाने के अलावा विभिन्न धर्मस्थलों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, सबसे अधिक खतरा लश्करे-ए-तैयबा से है जो पिछले कुछ समय से ज्यादा सक्रिय है। इस आतंकी संगठन की ओर से सबसे बड़ा खतरा मानव बमों का रहता है। इसने पहले भी ऐसे हमले को अंजाम दिया है।

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