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सोना-तस्करी मामलाः माकपा का आरोप, केंद्रीय एजेंसियां केरल सरकार को निशाना बना रही हैं

By भाषा | Updated: November 19, 2020 20:55 IST

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नयी दिल्ली, 19 नवंबर कांग्रेस नीत यूडीएफ और भाजपा पर केरल की एलडीएफ सरकार को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए माकपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि दोनों पार्टियों ने राज्य के मुख्यमंत्री पी विजयन पर हमला करने के लिए सोना-तस्करी मामले का इस्तेमाल किया है।

माकपा ने अपने मुखपत्र "पीपल्स डेमोक्रेसी" के नए संस्करण में आरोप लगाया कि चार केंद्रीय एजेंसियां—राष्ट्रीय अभिकरण (एनआईए) एजेंसी, सीमा शुल्क, प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी (सीबीआई)—स्वर्ण तस्करी मामले की जांच कर रही हैं और इसका इस्तेमाल विभिन्न सरकारी परियोजनाओं तक छानबीन को बढ़ाने के लिए कर रही हैं।

संपादकीय में कहा गया है, " बीते कुछ हफ्तों से केरल की वाम डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार को बदनाम करने के प्रयास बढ़े हैं। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और एलडीएफ सरकार को निशाना बनाने के लिए सोना तस्करी मामले का प्रयोग कर कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ और भाजपा ने आंदोलन चलाए हैं।"

उसने कहा, " जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, कांग्रेस और भाजपा, सरकार पर अपने हमलों का दायरा बढ़ा रहे हैं। इस नापाक खेल में कुछ केंद्रीय एजेंसियों को भी शामिल किया गया है।"

पत्रिका में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया है कि राजनयिक बेगेज के जरिए सोने की तस्करी का जब जुलाई में भांडा फूटा तो मुख्यमंत्री ने फौरन ही केंद्र सरकार से अपनी किसी उचित एजेंसी से मामले की जांच कराने को कहा। यह जरूरी था, क्योंकि सामान की तस्करी विदेश से हुई थी।

पार्टी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय ने मामले को एनआईए को सौंप दिया है, बावजूद इसके कि आतंकवाद को वित्त पोषित करने या राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे को लेकर पहली नजर में कोई आधार नहीं मिलता है।

माकपा ने कहा, " विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला और प्रदेश कांग्रेस के नेता, सीबीआई और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों से छानबीन की मांग बार-बार कर रहे हैं। यह मांग ऐसे समय में की जा रही है जब कांग्रेस पार्टी का अखिल भारतीय नेतृत्व और उसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि सीबीआई,एनआईए और स्वापक ब्यूरो जैसी केंद्रीय एजेंसियों का विपक्ष को निशाना बनाने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है। "

मुखपत्र में कहा गया है कि राज्य में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच समन्वय स्पष्ट है। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच के संबंध में दोनों पार्टियों के नेता एक-जैसे बयान दे रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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