इंदौर: फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट द्वारा संयुक्त रूप से कराए गए “सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026” सर्वे के प्रारंभिक परिणामों में मध्यप्रदेश के पांच जिलाधिकारियों ने जगह बनाई है। सूची में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के साथ जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, सतना कलेक्टर सतीश कुमार, नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह और भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह शामिल किए गए हैं। देशभर के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच यह चयन राज्य के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।
सर्वे के अनुसार देश के करीब 800 जिलों में कार्यरत जिलाधिकारियों और डिप्टी कमिश्नरों के कामकाज, प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा से जुड़े पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद लगभग 100 अधिकारियों को प्रारंभिक सूची में शामिल किया गया। चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक दक्षता, सुशासन, संकट प्रबंधन, जनसंपर्क, नवाचार, जवाबदेही, विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता के बीच भरोसे जैसे दस प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया।
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सर्वे केवल दफ्तरों में बैठकर तैयार नहीं किया गया, बल्कि इसमें ग्राउंड रिपोर्ट, विशेषज्ञों की राय, मीडिया विश्लेषण और जनसरोकार से जुड़े फीडबैक को भी महत्व दिया गया। यानी जिन अधिकारियों को सूची में शामिल किया गया, उनकी कार्यशैली का आकलन सीधे तौर पर प्रशासनिक प्रदर्शन और जमीनी असर के आधार पर किया गया।
मध्यप्रदेश से एक साथ पांच कलेक्टरों का चयन यह संकेत देता है कि राज्य के कई जिलों में प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता, नवाचार और जनसेवा के कामों को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है। खासतौर पर इंदौर, जबलपुर, भोपाल जैसे बड़े जिलों के साथ सतना और नरसिंहपुर जैसे जिलों का सूची में आना यह दर्शाता है कि सुशासन का प्रभाव अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा।
फेम इंडिया अपने स्तर पर प्रशासन, नीति, लोकसेवा और जनहित से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण के लिए जानी जाती है, जबकि एशिया पोस्ट क्षेत्रीय और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में समसामयिक मुद्दों पर काम करने वाला मीडिया मंच माना जाता है। दोनों संस्थाओं के इस सर्वे को प्रशासनिक कार्यशैली की एक तरह की सार्वजनिक समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। प्रारंभिक सूची में नाम आने के बाद अब अंतिम चयन की प्रक्रिया पर निगाहें टिकी हैं। प्रदेश के इन पांच अधिकारियों की उपलब्धि को प्रशासनिक महकमे में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों मप्र के कलेक्टरों को चुना गया
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को शहरी प्रशासन में सुधार, निवेश आकर्षित करने और नागरिक शिकायत निवारण में सक्रियता के लिये मान्यता मिली। जबलपुर में राघवेंद्र सिंह के आपदा प्रबंधन और शहर की बुनियादी सुविधाओं के तीव्र कार्यान्वयन को तारिफ़ मिली है। सतना के सतीश कुमार ने राज्य वित्तीय योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास प्रोजेक्ट्स में गति दी है। नरसिंहपुर की रजनी सिंह सामाजिक कल्याण और महिला सुरक्षा पहलों के लिये जानी जाती हैं, जबकि भोपाल के कौशलेंद्र सिंह ने शहर स्तर पर यातायात और पार्किंग व्यवस्थाओं में सुधार कर दर्शनीय प्रगति दिखाई है।
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट— कौन हैं ये संस्थाएँ?
फेम इंडिया मैगज़ीन शासकीय प्रशासन, सार्वजनिक नीतियों और लोकप्रशासन के अच्छे कार्यों पर केंद्रित एक राष्ट्रीय प्रकाशन है, जो वरिष्ठ प्रशासकों, नीति विश्लेषकों और नागरिक समाज के साथ बहस और केस-स्टडी प्रकाशित करता है। इसका फ़ोकस क्षेत्रीय विकास मॉडलों, नवाचारों और सरकारी सफल पायलट प्रोजेक्ट्स को सामने लाना रहा है।
एशिया पोस्ट एक क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म है जो एशिया संबंधी राजनीति, अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक रुझानों पर रिपोर्टिंग करता है। दोनों संस्थाएँ मिलकर ऐसे सर्वे आयोजित करती हैं ताकि प्रशासनिक प्रदर्शन पर पारदर्शी चर्चा हो और सफल मॉडलों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जा सके।