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पूर्व चीफ जस्टिस यूयू ललित के पास 74 दिन के कार्यकाल के दौरान थे 40 से ज्यादा चपरासी और कर्मचारी, अब भी 28 सपोर्ट स्टाफ हैं साथ

By विनीत कुमार | Updated: December 27, 2022 16:43 IST

चीफ जस्टिस के पद पर रहने के दौरान जस्टिस यूयू ललित के पास 40 से ज्यादा सपोर्ट स्टाफ थे। इसमें अर्दली और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। रिटायरमेंट के बाद अभी भी जस्टिस ललित के पास 28 सपोर्ट स्टाफ हैं।

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ठळक मुद्देजस्टिस यूयू ललित 74 दिनों पर मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहे, 8 नवंबर को हुए रिटायर।जस्टिस ललित 27 अगस्त से 8 नवंबर 2022 तक के कार्यकाल के दौरान उन्होंने 40 से ज्यादा सपोर्ट स्टाफ रखे।अब रिटायरमेंट के करीब डेढ़ महीने से अधिक समय के बीत जाने के बाद भी उनके आवास पर 28 सपोर्ट स्टाफ हैं।

नई दिल्ली: चीफ जस्टिस के पद पर रहने के दौरान जस्टिस यूयू ललित ने दिल्ली के 19 अकबर रोड स्थित अपने आधिकारिक आवास पर कुल मिलाकर 40 से ज्यादा चपरासी और कर्मचारी रखे थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति के आवास पर लगे आधिकारिक चपरासी और सहायक कर्मचारियों की संख्या के आंकड़े होते जो संभवत: जस्टिस यूयू ललित के नाम ये रिकॉर्ड हो जाता। जस्टिस यूयू ललित 74 दिनों पर मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहे।

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति भवन या प्रधानमंत्री कार्यालय में लगे सहायक कर्मचारियों की संख्या को छोड़कर किसी भी अन्य संवैधानिक पद धारक के पास उनके निवास पर इतनी बड़ी संख्या में चपरासी और सहायक कर्मचारी नहीं होंगे। जस्टिस ललित 27 अगस्त से 8 नवंबर 2022 तक भारत के 49वें चीफ जस्टिस रहे। उन्होंने अपने आवास और कार्यालय के सुचारू रूप से कामकाज के लिए इन कर्मचारियों को लगाया था।

रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस ललित ने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद कुछ कर्मचारियों को जाने दिया। अब रिटायरमेंट के करीब डेढ़ महीने से अधिक समय के बीत जाने के बाद भी उनके 19, अकबर रोड स्थित आवास पर 28 चपरासी और सहायक कर्मचारी हैं। इनमें से कुछ BVG India से भी कुछ शामिल हैं, जहां से सुप्रीम कोर्ट ज्यादातर अपने सफाई और रखरखाव के काम के लिए लोगों को आउटसोर्स करता है।

सूत्रों के अनुसार इससे पहले चीफ जस्टिस के आधिकारिक आवास पर औसतन 12-15 सहायक कर्मचारी होते थे और सेवानिवृत्ति के बाद केवल दो या तीन को ही रखा जाता था। अगर सेवानिवृत के बाद सीजेआई दिल्ली में रहने का फैसला करते हैं तो इन सहायक कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदान किया जाता है। वहीं, रिटायर हो चुके मुख्य न्यायाधीश अपने गृह राज्य जाने का फैसला करते हैं तो संबंधित हाई कोर्ट द्वारा ये स्टाफ उन्हें मुहैया कराया जाता है।

टॅग्स :उदय उमेश ललितसुप्रीम कोर्ट
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