लाइव न्यूज़ :

सरकारी आदेश की अवज्ञा के लिए आलोक वर्मा पर हो सकती है विभागीय कार्रवाई : अधिकारी

By भाषा | Updated: January 31, 2019 22:36 IST

अधिकारियों के मुताबिक निर्देश का पालन नहीं होना अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के लिए सेवा नियमों का उल्लंघन है।

Open in App

सीबीआई निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा पर सरकारी आदेश की अवज्ञा के लिए पेंशन लाभ रोके जाने सहित विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

सेवानिवृत्ति के दिन बृहस्पतिवार को उन्हें दमकल सेवा, नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षा के प्रमुख का पद संभालने को कहा गया। 

अधिकारियों के मुताबिक निर्देश का पालन नहीं होना अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के लिए सेवा नियमों का उल्लंघन है। 

गृह मंत्रालय ने वर्मा को बृहस्पतिवार को दमकल सेवा, नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षा विभाग के महानिदेशक का पद संभालने का निर्देश दिया था। 

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि चूंकि निर्देश के मुताबिक वर्मा ने नयी जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया इसलिए पेंशन रोके जाने सहित उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। 

बुधवार को वर्मा को भेजे गए एक पत्र में गृह मंत्रालय ने कहा कि ‘‘आपको महानिदेशक दमकल सेवा, नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षा का पद तत्काल संभालने का निर्देश दिया जाता है।’’ 

उसी दिन पत्र के जवाब में वर्मा ने अपना रूख दोहराया कि वह 10 जनवरी 2019 की शाम से सीबीआई निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हो गए।

गृह मंत्रालय में उप सचिव आर एस वैद्य को अपने जवाब में वर्मा ने कहा कि आधिकारिक रिकार्ड में उनकी जन्म की तारीख 14 जुलाई 1957 दर्ज है, इसके मुताबिक उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 31 जुलाई 2017 है। 

उन्होंने कहा कि 10 जनवरी 2019 की शाम सीबीआई पद से हट गए और सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद सीबीआई निदेशक बने। इसलिए 10 जनवरी 2019 की शाम से सीबीआई निदेशक पद से सेवानिवृत्त हैं। 

माना जा रहा है कि इस पत्र के जरिए सरकार ने वर्मा की ओर से कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव को लिखे उस पत्र को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें 31 जुलाई 2017 को सेवानिवृत्त माना जाए क्योंकि उस दिन वह 60 साल की उम्र पूरी कर चुके थे। 

वर्मा ने दलील थी कि दमकल सेवा, नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षा के महानिदेशक के लिए वह उम्र सीमा को पार कर गए हैं और वह चाहते हैं कि उन्हें सीबीआई से हटाए जाने वाले दिन से सेवानिवृत्त समझा जाए।

टॅग्स :सीबीआईआलोक वर्मा
Open in App

संबंधित खबरें

भारतNEET-UG पेपर लीक मामला: मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे 14 दिनों की CBI कस्टडी में, कोर्ट ने दी मंजूरी

भारतNEET Paper Leak: CBI के निशाने पर पूरा NTA पैनल, अंदरूनी सूत्र की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

भारतनीट पेपर लीक का नागपुर कनेक्शन? नांदेड़ में CBI की आठ घंटे तक छापेमारी, ‘सबूत जला दो’ ऐसा आया था फोन

भारतNEET Paper Leak: नीट जीवविज्ञान प्रश्न पत्र लीक के पीछे थी पुणे की शिक्षिका का हाथ, सीबीआई के हत्थे चढ़ी

भारतसीबीआई ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के ‘सरगना’ रसायन विज्ञान के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को पुणे से किया अरेस्ट, गिरफ्त में अब तक 7

भारत अधिक खबरें

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार

भारतइंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा सहित मप्र के पांच कलेक्टर फेम इंडिया-एशिया पोस्ट की सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026 सूची में शामिल