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दक्षिण अफ्रीका में भारतीय नर्सों की बड़ी मांग, काम करने के तरीके और नजरिये ने बनाया मुरीद

By भाषा | Updated: February 22, 2020 15:17 IST

दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े निजी अस्पताल समूह मेडीक्लिनिक ने पुष्टि की है कि वह इस साल भारत से 150 नर्सों की नियुक्ति करने वाला है।

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ठळक मुद्देप्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की कमी का सामना कर रहे दक्षिण अफ्रीका के निजी अस्पताल वरिष्ठ भारतीय नर्सों के अच्छे कामकाज और स्थानीय कर्मियों के लिए प्रभावी प्रशिक्षक बनने की उनकी क्षमता को देखते हुए उन्हें भर्ती कर रहे हैं। ‘2018 रोजगार सम्मेलन’ में एक रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया कि देश में 47,000 से अधिक नर्सों की कमी है।

प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की कमी का सामना कर रहे दक्षिण अफ्रीका के निजी अस्पताल वरिष्ठ भारतीय नर्सों के अच्छे कामकाज और स्थानीय कर्मियों के लिए प्रभावी प्रशिक्षक बनने की उनकी क्षमता को देखते हुए उन्हें भर्ती कर रहे हैं। मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गई।

‘2018 रोजगार सम्मेलन’ में एक रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया कि देश में 47,000 से अधिक नर्सों की कमी है। साप्ताहिक ‘बिजनेस टाइम्स’ की खबर के अनुसार प्रशिक्षित नर्सिंग कर्मियों की कमी के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया गया है जिसमें उच्च प्रशिक्षित नर्सों का ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब या न्यूजीलैंड जैसे देशों में चले जाना या अधिक वेतन की चाह में वहां अनुबंधित रोजगार पाना शामिल है।

दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े निजी अस्पताल समूह मेडीक्लिनिक ने पुष्टि की है कि वह इस साल भारत से 150 नर्सों की नियुक्ति करने वाला है।

मेडीक्लिनिक के प्रवक्ता ने ‘बिजनेस टाइम्स’ को बताया, ‘‘एक आंतरिक नीति के तहत अपने प्रशिक्षण को पूरा करने के लिए हमलोग भारत से पंजीकृत वरिष्ठ नर्सों की भर्ती करेंगे।’’

मेडीक्लिनिक ने 2005 में भारत से नर्सों की भर्ती शुरू की थी। बहरहाल, उसके अस्पतालों में कार्यरत 8,800 से अधिक नर्सों में से कितने भारत से हैं इस बारे में वह विस्तृत जानकारी नहीं दे सका।

अन्य कंपनी लाइफ हेल्थकेयर एसए ने कहा कि उसने 2008 और 2014 के बीच 135 भारतीय नर्सों की भर्ती की।

अस्पताल समूहों के शीर्ष प्रबंधन ने वरिष्ठ भारतीय नर्सों की तारीफ की और उन्हें स्थानीय कर्मियों के लिए प्रभावी प्रशिक्षक बताया। एक अस्पताल के कार्यकारी ने बताया, ‘‘हमने देखा है कि इनमें से अधिकतर अपनी पारिवारिक प्रतिबद्धता के कारण यहां कम समय के अनुबंध पर आना चाहते हैं।’’

अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों ने लंबे समय के कार्यकाल वाले अनुबंध पर आवेदन किया है उनमें अधिकतर युवा, नये-नये प्रशिक्षित नर्स हैं, जिनकी मांग कम है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे बहुत मेहनती हैं, धैर्य के साथ काम करते हैं और कई स्थानीय नर्सों खासकर संगठित कर्मियों की तरह उनका नौ से पांच काम करने का नजरिया भी नहीं होता है।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘भारत से अधिक से अधिक नर्सों को लेने में हमें खुशी होगी।’’

टॅग्स :साउथ अफ़्रीकाडॉक्टरमेडिकल ट्रीटमेंटइंडिया
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