लाइव न्यूज़ :

SC के फैसले के बाद भी नहीं बनी बात, अधिकारी नहीं मान रहें केजरीवाल के ट्रांसफर के आदेश

By कोमल बड़ोदेकर | Updated: July 5, 2018 10:59 IST

दिल्ली सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते दिन आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सरकार ने आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर करने की बात कही थी लेकिन ताजा खबर के मुताबिक इन प्रशासनिक अधिकारियों ने केजरीवाल सरकार के ट्रांसफर के आदेशों को मानने से इनकार कर दिया है।

Open in App

नई दिल्ली, 5 जुलाई। दिल्ली सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते दिन आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सरकार ने आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर करने की बात कही थी लेकिन ताजा खबर के मुताबिक इन प्रशासनिक अधिकारियों ने केजरीवाल सरकार के ट्रांसफर के आदेशों को मानने से इनकार कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा भेजी गई ट्रांसफर की फाइलों को वापस लौटा दिया है। इस मामले के बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आईएएस अधिकारियों पर कोर्ट की अवमानना का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने आदेशों को मानने से इनकार कर दिया ये कोर्ट के फैसले की अवमानना है।

दिल्ली सरकार और एलजी के बीच शक्तियों के बंटवारे को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला साफ कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में  साफ कर दिया है कि लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार ही अहम है। यानी अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के लिए कोई भी फैसला करने से पहले एलजी की सहमती लेने की जरूरत नहीं है। लेकिन दिल्ली सरकार और एलजी का विवाद अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि दिल्ली की सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी है और सरकार के पास ही असल पावर है। इस फैसले को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। दिल्ली में अब ट्रांसफर के अधिकार को लेकर झगड़ा शुरू हो गया है। कल 4 जुलाई की शाम दिल्ली कैबिनेट की मीटिंग में  ट्रांसफर के सारे अधिकार मंत्रियों को दे दिए गए हैं। 

मनीष सिसोदिया बैठक में कहा कि दिल्ली के अधिकारियों के ट्रांसफर के सारे अधिकार मंत्रियों के पास है। इधर दिल्ली सर्विसेज ने ट्रांसफर के फैसले को मानने से इनकार कर दिया है। बैठक में मंत्रियों  LG को मंत्रियों की सलाह के बाद ही काम करने की हिदायत दी गई है।

लोकमत न्यूज के लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो और स्पेशल पैकेज के लिए यहाँ क्लिक कर के सब्सक्राइब करें।

टॅग्स :अरविन्द केजरीवालदिल्लीसुप्रीम कोर्टआम आदमी पार्टी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदिल्ली में सफर पर लगेगा ब्रेक? 21 मई से तीन दिन तक ऑटो-टैक्सी की हड़ताल, किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े ड्राइवर

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतदिल्ली बार काउंसिल चुनावः मतगणना पर रोक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- न्यायालय फैसला नहीं सुनाता, तब तक मतपत्रों की गिनती स्थगित

भारतओडिशा भीषण गर्मीः बौध शहर में 42.9 डिग्री सेल्सियस?, 11 स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज

भारत अधिक खबरें

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह