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दिल्ली: अमित शाह से नहीं मिल पाएंगे शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी, पुलिस ने बताई ये है वजह

By अनुराग आनंद | Updated: February 16, 2020 09:28 IST

शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को कहा था कि अमित शाह जी ने पूरे देश को उनसे मिलने और नागरिकता कानून से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया है। इसलिए हम रविवार दोपहर 2 बजे उनसे मिलने के लिए जा रहे हैं।

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ठळक मुद्देनागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले कई दिनों से भारी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि हमारा कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं होगा, जिसको भी सीएए को लेकर कोई दिक्कत है, वे सब जा रहे हैं।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोग रविवार (16 फरवरी) को गृह मंत्री अमित शाह से मिलने उनके आवास पर जाना चाहते थे। लेकिन, अब ये प्रदर्शनकारी नरेंद्र मोदी सरकार के गृहमंत्री अमित शाह से नहीं मिल सकेंगे। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने रविवार सुबह बताया कि हमने शाहीन बाग के  प्रदर्शनकारियों से पूछा कि गृह मंत्री से मिलने कौन सा प्रतिनिधिमंडल जाएगा। उन्होंने कहा कि सब जाकर मिलना चाहते हैं इसलिए मीटिंग से इनकार करना पड़ा।  

प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को ये कहा था-

बता दें कि समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि अमित शाह जी ने पूरे देश को उनसे मिलने और नागरिकता कानून से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया है। इसलिए हम रविवार दोपहर 2 बजे उनसे मिलने के लिए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि हमारा कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं होगा, जिसको भी सीएए को लेकर कोई दिक्कत है, वे सब जा रहे हैं।'

वहीं, रिपोर्ट में गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कल (16 फरवरी) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ ऐसी कोई बैठक निर्धारित नहीं की गई है। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने एक टीवी चैनल में कहा था कि जिन्हें भी सीएए से जुड़े मुद्दों पर मुझसे चर्चा करना चाहता है मेरे कार्यालय से समय ले सकता है। हम तीन दिनों के अंदर समय देंगे। 

क्या है नागरिकता संशोधन कानून (CAA)सीएए के अनुसार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं और जिन्हें अपने देश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना पड़ा है, उन्हें गैरकानूनी प्रवासी नहीं माना जाएगा, बल्कि भारतीय नागरिकता दी जाएगी।

 

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