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दिल्ली: नेहरू मेमोरियल हुआ गुजरे जमाने की बात, अब पुकारा जाएगा प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय के नाम से

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: August 16, 2023 06:44 IST

नेहरू मेमोरियल का आधिकारिक नाम बदलकर अब प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय कर दिया गया है।

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ठळक मुद्देनेहरू मेमोरियल का आधिकारिक नाम बदला, अब प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय हुआ जवाहर लाल नेहरू बतौर देश के पहले प्रधानमंत्री तीन मूर्ति भवन में ही रहा करते थे साल 1964 में उनकी मृत्यु के बाद इसे नेहरू मेमोरियल कर दिया गया था

नई दिल्ली: नेहरू मेमोरियल का आधिकारिक नाम बदलकर अब प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय कर दिया गया है। प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) सोसायटी के उपाध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश ने बीते मंगलवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि तीन मूर्ति भवन के नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय का नाम आधिकारिक तौर पर सोमवार से प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसायटी कर दिया गया है।

लुटियंस दिल्ली की प्रमुख इमारतों में शामिल तीन मूर्ति भवन अंग्रेजों के वक्त में भारत के कमांडर इन चीफ का आधिकारिक आवास हुआ करता था। साल 1948 में ब्रिटिश भारत के अंतिम कमांडर इन चीफ के जाने के बाद से भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू बतौर देश के पहले प्रधानमंत्री तीन मूर्ति भवन में रहने के लिए गये और साल 1964 में अपने मृत्यु तक वो इसी आवास में रहे।

इस कारण से साल 1948 से लेकर 1964 तक तीन मूर्ति भवन देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू का आधिकारिक आवास था, जिसे उनकी मृत्यु के बाद स्मारक और संग्रहालय मे बदल दिया गया था।

समाचार वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार इसी साल जून के मध्य में नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय सोसाइटी की एक विशेष बैठक हुई थी, जिसमें इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय  सोसाइटी करने का निर्णय लिया गया था।

पीएमएमएल सोसायटी के उपाध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश ने कहा कि नाम बदलने की प्रक्रिया 15 जून को शुरू हुई और यह एक "महज संयोग" था कि यह स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पूरी हुई।

सरकार के इस फैसले का कांग्रेस पार्टी ने भारी विरोध किया है। कांग्रेस का कहना है कि ये सरकार नेहरू से संबंधित सभी स्मारकों को इतिहास के पन्नों में दफ्न करना चाहती है।

कांग्रेस समेत लोगों के एक वर्ग की आलोचनाओं के बारे में पूछे जाने पर प्रकाश ने कहा, “नाम बदलने की प्रक्रिया 15 जून को शुरू हुई। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह एक प्रक्रिया है और ऐसी चीजों को काम करने में समय लगता है। हमें कुछ दिन पहले अंतिम मंजूरी मिल गई है।”

टॅग्स :जवाहरलाल नेहरूदिल्लीकांग्रेस
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