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कोरोना वायरस से महाराष्ट्र पर छाया संकट, एक साल के लिए सभी विकास के खर्चों पर लगाई रोक, नहीं होगी कोई नई भर्ती

By रामदीप मिश्रा | Updated: May 5, 2020 08:29 IST

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र में 12 हजार, 974 कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं। देश में सभी मामलों के 30 प्रतिशत केवल महाराष्ट्र में ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, कोरोना से 548 लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

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ठळक मुद्देराज्य की उद्धव ठाकरे सरकार ने अगले साल मार्च तक के लिए नए पूंजी कार्यों पर रोक लगा दी है।एक अधिकारी ने कहा है कि यह राज्य में 1960 के बाद से अब तक के खर्च में सबसे बड़ी कटौती है।  

मुंबईः देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है। यहां संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इस बीच राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार ने अगले साल मार्च तक के लिए नए पूंजी कार्यों पर रोक लगा दी है। उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा बजट है, जिसमें 2020-21 के लिए विकास (योजना) खर्च में 67 प्रतिशत की कटौती की गई है। एक अधिकारी ने कहा है कि यह राज्य में 1960 के बाद से अब तक के खर्च में सबसे बड़ी कटौती है।  

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र में 12 हजार, 974 कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं। देश में सभी मामलों के 30 प्रतिशत केवल महाराष्ट्र में ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, कोरोना से 548 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। देश में सभी मौतों का आंकड़ा देखा जाए तो 40 प्रतिशत मौतें यहीं हुई हैं।

इस साल शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार ने 2020-21 के लिए 4.34 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जोकि 2019-20 के संशोधित अनुमान से 4.1 प्रतिशत अधिक था। महाराष्ट्र की तुलना में बड़े बजट वाला एकमात्र अन्य राज्य उत्तर प्रदेश है। इस वर्ष के लिए पूंजी परिव्यय 45,124 करोड़ रुपये था, जो 2019-20 में 2.6 प्रतिशत कम था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, महामारी से निपटने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और वस्तुओं की खरीद पर रोक लगाते हुए राज्य ने विभागों को नए विकास कार्यों के लिए निविदाओं को वापस लेने का आदेश दिया है। इस महामारी के दौरान प्रशासन में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागीय स्थानांतरणों पर भी रोक लगा दी गई है।

जैसे ही देश में लॉकडाउन का तीसरे चरण शुरू हुआ है वैसे ही महारष्ट्र के वित्त विभाग ने लगभग 50,000 करोड़ रुपये के कर राजस्व में अपनी हानि का अनुमान लगाया। चालू वित्त वर्ष के लिए राज्य का अपना कर राजस्व 2 लाख, 25 हजार, 71 करोड़ रुपये था। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में नुकसान के और बढ़ने की संभावना दिखाई दे रही है।

हाल ही में महाराष्ट्र के वित्तमंत्री अजीत पवार ने राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए 50,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग करते हुए केंद्र से संपर्क किया था, जिस पर अभी तक केंद्र सरकार ने कुछ भी नहीं किया है।

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