लाइव न्यूज़ :

migrant crisis: लॉकडाउन में फंसे प्रवासी कामगार, 222 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, 2.5 लाख से अधिक लोगों ने किया सफर

By भाषा | Updated: May 8, 2020 18:08 IST

देश में 216 जिले ऐसे हैं जिनमें कोई मामला सामने नहीं आया है, 42 ऐसे जिले हैं जिनमें पिछले 28 दिन से कोई मामला नहीं मिला है, 29 ऐसे जिले हैं जिनमें पिछले 21 दिन से कोई मामला नहीं मिला है।

Open in App
ठळक मुद्देपुण्य सलीला श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों के तहत ही लोगों को कुछ छूट देने पर विचार कर रही है।मालगाड़ी से कटकर 16 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो जाने के संबंध में सवाल करने पर उन्होंने कहा कि यह ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ घटना है।

नई दिल्लीः केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 2.5 लाख से ज्यादा लोगों को भारतीय रेल ने 222 विशेष श्रमिक ट्रेनों से उनके गंतव्य स्थानों तक पहुंचाया है।

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों के तहत ही लोगों को कुछ छूट देने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के ये फेरे इस दिशा में उठाये गये कदम हैं।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद में ट्रेन की पटरियों पर शुक्रवार तड़के मालगाड़ी से कटकर 16 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो जाने के संबंध में सवाल करने पर उन्होंने कहा कि यह ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ घटना है। विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की तकलीफों को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें चरणबद्ध तरीके से वापस लाने की प्रक्रिया बृहस्पतिवार से ही शुरू हो गई है और उन्हें विशेष वाणिज्यिक उड़ानों तथा नौसेना के जहाजों की मदद से लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण विदेशों में फंसे लोगों को भारत लाने और यहां फंसे लोगों को उनके देश भेजने संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को लागू करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समन्वय समिति गठित की गई है, जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय, सशस्त्र बलों और एअर इंडिया के अधिकारी शामिल हैं। कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है।

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘(विदेशों में) फंसे सभी भारतीय अपने यहां के दूतावास/मिशन में पंजीकरण करा सकते हैं... विमान में सवार होने से पहले सभी यात्रियों की जांच की जाएगी और सिर्फ उन्हीं को अनुमति दी जाएगी, जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं होंगे।’’ उन्होंने बताया कि उन्हें एक शपथपत्र देना होगा कि वे वापसी के बाद 14 दिन तक अपने खर्च पर निर्दिष्ट पृथक-वास में रहेंगे। श्रीवास्तव ने बताया कि वापस आने के इच्छुक सभी लोगों को आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकरण कराना होगा और लौटने पर अनिवार्य रूप से उन सभी की कोविड-19 संक्रमण की जांच की जाएगी।

टॅग्स :कोरोना वायरसकोरोना वायरस इंडियाकोरोना वायरस लॉकडाउनगृह मंत्रालयभारतीय रेलपीयूष गोयलनरेंद्र मोदीसीओवीआईडी-19 इंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

कारोबारकिउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजनाः 54 किमी और 962 करोड़ रुपये खर्च?, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- यात्री आवागमन, संपर्क और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को मजबूती

भारतनो वेटिंग, नो टेंशन! प्रमुख रूटों पर शुरू हुईं समर स्पेशल ट्रेनें, आज ही कराएं बुकिंग, चेक लिस्ट

ज़रा हटकेहेमा मालिनी ई-ऑटो से पहुंचीं मीटिंग में, हूटर बजाते हुए निकला ऑटो, वीडियो वायरल

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज