लाइव न्यूज़ :

CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग मसले पर कांग्रेस पहुँची सुप्रीम कोर्ट, वेंकैया नायडू ने खारिज कर दी थी नोटिस

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: May 7, 2018 11:55 IST

कांग्रेस के नेतृत्व में सात दलों के 64 राज्य सभा सासंदों ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही करने नोटिस खारिज कर दी।

Open in App

कांग्रस के दो राज्य सभा सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग नोटिस खारिज होने के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार (सात मई) को कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा और अी हर्षादृय याज्ञनिक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके राज्य सभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के फैसले को चुनौती दी है। वेंकैया नायडू ने कांग्रेस समेत सात दलों के 64 सांसदों के हस्ताक्षरों वाली नोटिस खारिज कर दी थी।

उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इन 22 बिंदुओं के आधार पर खारिज किया महाभियोग प्रस्ताव, यहां पढ़ें पूरा आदेश

वेंकैया नायडू ने अपने लिखित जवाब में कहा था कि कांग्रेस ने सीजेआई दीपक मिश्रा पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिया। वेंकैया नायडू ने अपने जवाब में कहा था कि सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की नोटिस देने के बाद ही कांग्रेस ने प्रेस वार्ता करके इसकी सूचना सार्वजनिक कर दी थी जो कानूनन गलत है। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने वेंकैया नायडू द्वारा महाभियोग नोटिस खारिज किए जाने के बाद ही कहा था कि वो इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी।  

उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने खारिज किया CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ कांग्रेस का महाभियोग प्रस्ताव

कांग्रेस सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि नियत संख्या में सांसदों द्वारा महाभियोग प्रस्ताव की नोटिस देने के लिए उपराष्ट्रपति उसे खारिज करने का अधिकार नहीं रखते। कांग्रेस सांसदों ने अपनी याचिका में कहा है कि उपराष्ट्रपति वेंकया नायडू को सीजेआई के खिलाफ लगे आरोपों की कोर्ट ऑफ इनक्वाय्री कमेटी बनाकर जाँच करानी चाहिए थी। 

महाभियोग प्रस्ताव: भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर कांग्रेस ने लगाए हैं ये पाँच आरोप

राज्य सभा में सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर की जरूरत होती है। वहीं लोक सभा में महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 100 सांसदों के दस्तखत की जरूरत है। 

लोकमत न्यूज के लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो और स्पेशल पैकेज के लिए यहाँ क्लिक कर के सब्सक्राइब करें

टॅग्स :दीपक मिश्रासुप्रीम कोर्टकांग्रेसवेंकैंया नायडूभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
Open in App

संबंधित खबरें

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

भारतकेरल सीएम सतीशन का पहला आदेश: महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹3,000 की बढ़ोतरी

भारतकौन हैं वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन?, परावुर सीट से 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत हासिल की?

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतदिल्ली बार काउंसिल चुनावः मतगणना पर रोक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- न्यायालय फैसला नहीं सुनाता, तब तक मतपत्रों की गिनती स्थगित

भारत अधिक खबरें

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार

भारतइंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा सहित मप्र के पांच कलेक्टर फेम इंडिया-एशिया पोस्ट की सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026 सूची में शामिल

भारतFalta Assembly Constituency: 21 मई को फाल्टा में पुनर्मतदान, तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने उम्मीदवारी वापस ली, वीडियो