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कांग्रेस का 13 मई से तीन दिन चलेगा चिंतन शिविर, इन छह एजेंडों पर होगी चर्चा, बनाई गई समितियां और उनके संयोजक

By रुस्तम राणा | Updated: April 25, 2022 18:04 IST

तीन दिन चलने वाले इस शिविर में पार्टी छह एजेंडों पर फोकस करेगी जिस पर चर्चा के लिए 6 अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है।

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ठळक मुद्देइस चिंतन शिविर में पार्टी के लगभग 400 नेताओं के शामिल हो सकते हैं9 साल पहले साल 2013 में आयोजित किया गया था पार्टी का चिंतन शिविर

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) की अखिल भारतीय कांग्रेस समिति 13 मई से तीन दिनों का चिंतन शिविर करने जा रही है। कांग्रेस का यह चिंतन शिविर राजस्थान के उदयपुर में 13 मई से 15 मई तक चलेगा। इस शिविर में पार्टी छह एजेंडों पर फोकस करेगी जिस पर चर्चा के लिए 6 अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है।

इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सलमान खुर्शीद, पी चिदंबरम, मुकुल वासनिक, भूपिंदर सिंह हुड्डा और अमरिंदर सिंह वारिंग को इन 6 अलग-अलग समितियों के संयोजक बनाए गए हैं। सभी समितियों में 9-9 सदस्य हैं। 

आपको बता दें कि नौ साल पहले कांग्रेस का चिंतन शिविर साल 2013 में जयपुर में आयोजित किया गया था। तब इस शिविर में 2014 के लोकसभा चुनाव पर चर्चा की गई थी। संभावना है कि पार्टी के इस महत्वपूर्ण चिंतन शिविर में कई प्रस्ताव पास किए जाएंगे। कांग्रेस के इस चिंतन शिविर में पार्टी के लगभग 400 नेता शामिल हो सकते हैं।

इन 6 अलग-अलग एजेंडों पर होगी चर्चा

कांग्रेस के चिंतन शिविर का पहला एजेंडा राजनीतिक है, जिसके लिए गठित की गई समिति के संयोजक मल्लिकार्जुन खड़गे को बनाया गया है। उनके अलावा समिति में पार्टी के 8 अन्य नेता भी शामिल हैं। जिसमें गुलाम नबी आजाद, शशि थरूर, अशोक चव्हाण जैसे कांग्रेस के बड़े नेता हैं। वहीं शिविर का दूसरा एजेंडा सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण है। इस पर चर्चा के लिए जो समिति बनाई गई है उसके संयोजक सलमान खुर्शीद हैं। 

चिंतन शिविर का तीसरा एजेंडा अर्थव्यवस्था है और इस पर चर्चा करने के लिए जो समिति बनाई गई है उसके संयोजक देश के पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम हैं। इस समिति में उनके अलावा सिद्धारमैया, आनंद शर्मा जैसे नेता भी शामिल हैं। 

इसी प्रकार चिंतन शिविर का चौथा एजेंडा संगठन है। इसके लिए जो समिति गठित की गई है उसके संयोजक मुकुल वासनिक हैं। वहीं शिविर का पांचवां एजेंडा किसान और खेती है। इसके लिए जो समिति बनाई गई है उसके संयोजक मुकुल वासनिक हैं। वहीं जो आखिरी एजेंडा है वह युवाओं और उनके सशक्तिकरण को लेकर है। इस पर गठित की गई समिति के संयोजक अमरिंदर सिंह वारिंग हैं। 

टॅग्स :कांग्रेसउदयपुरमल्लिकार्जुन खड़गे
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